उत्तर प्रदेश

CM से गुहार लगाने जा रहे पीड़ित परिवार के साथ पुलिस की झड़प आरोपों में घिरी SHO

Ratna Netam
4 Sept 2026 8:12 PM IST
CM से गुहार लगाने जा रहे पीड़ित परिवार के साथ पुलिस की झड़प आरोपों में घिरी SHO
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फर्रुखाबाद : उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक मामला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहे एक परिवार को पुलिस ने रोक दिया। परिवार अपने 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहता था। इस दौरान पुलिस और परिवार के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस और परिवार के सदस्यों के बीच झड़प दिखाई दे रही है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने जाने से रोकने के लिए घर पर ही रोक लिया और महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। वहीं पुलिस की ओर से मामले को लेकर जांच की बात कही जा रही है।
बेटे की हत्या के मामले में न्याय की मांग
जानकारी के मुताबिक, फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र के कोरीखेड़ा गांव निवासी परिवार अपने 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा था। परिवार का आरोप है कि घटना के कई समय बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद दौरे की जानकारी मिली तो उन्होंने उनसे मुलाकात कर अपनी शिकायत रखने का फैसला किया।
पुलिस ने गांव पहुंचकर रोका
परिवार के मुख्यमंत्री से मिलने जाने की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस टीम गांव पहुंच गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
परिवार का कहना है कि पुलिस ने उन्हें कई घंटे तक रोके रखा और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने से रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और परिवार के लोगों के बीच बहस बढ़ गई।
महिलाओं से मारपीट का आरोप
वायरल वीडियो में पुलिस और परिवार के लोगों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। परिवार ने आरोप लगाया है कि महिला थानाध्यक्ष ने महिलाओं के साथ मारपीट की।
वीडियो में एक महिला पुलिस अधिकारी और महिलाओं के बीच विवाद नजर आ रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस प्रशासन की ओर से पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का पक्ष है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए परिवार को रोका गया था।
परिवार का दर्द और सवाल
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाना था। परिवार का आरोप है कि बेटे की हत्या के मामले में उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है।
परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस विभाग की ओर से यह साफ किया जा रहा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की जांच जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवारों की शिकायतों को संवेदनशील तरीके से सुनने और समाधान करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विवाद में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और जांच के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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