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बहराइच। जिले के बेरोजगार युवाओं और स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना शुरू करने जा रहा है। इस योजना के तहत युवाओं को 15 दिन का निशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को 3,750 रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण, अनुदान और सरकारी सब्सिडी का लाभ दिलाने में भी विभाग सहयोग करेगा।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को विभिन्न प्रकार के छोटे उद्योगों और ग्रामोद्योग से जुड़े कार्यों की तकनीकी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे कम पूंजी में अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अगरबत्ती निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, साबुन बनाने, सिलाई-कढ़ाई, रेडीमेड वस्त्र तैयार करने, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लकड़ी और धातु शिल्प जैसे कई क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा युवाओं को व्यवसाय संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें भी सिखाई जाएंगी।
प्रशिक्षण के दौरान केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि व्यवसाय को सफल बनाने के लिए प्रबंधन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षुओं को उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग, बाजार में उत्पाद की बिक्री और डिजिटल माध्यमों से व्यापार बढ़ाने के तरीकों के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि आज के समय में केवल हुनर सीखना ही काफी नहीं है, बल्कि उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की जानकारी भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री की जानकारी को भी शामिल किया गया है।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अनुसार प्रशिक्षण लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को विभागीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध कराई गई है। पात्र युवाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) और राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) की योजनाओं के माध्यम से बैंक ऋण, सब्सिडी और अन्य आर्थिक सहायता दिलाने में विभाग मदद करेगा।
इस योजना से युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह योजना काफी लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोजगार शुरू करने का अवसर मिलेगा।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस माह से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र युवाओं को छात्रवृत्ति देने के साथ-साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्राचार्य संजय वर्मा ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योग स्थापित करने में विभाग हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर अपनी आय बढ़ा सकें।





