उत्तर प्रदेश

बस्ती में बंदरों का आतंक, लोगों का घरों से निकलना मुश्किल

Saba Naaz
31 July 2026 3:38 PM IST
बस्ती में बंदरों का आतंक, लोगों का घरों से निकलना मुश्किल
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बस्ती। जिले के रुधौली कस्बे में इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कस्बे के कई मोहल्लों और मुख्य बाजार क्षेत्रों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदरों के उत्पात के कारण छतों पर जाना, गलियों से गुजरना और रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बंदर अचानक हमला कर देते हैं और कई बार राहगीरों के हाथों से सामान छीनकर भाग जाते हैं।

कस्बे में बंदरों द्वारा घरों में घुसकर खाने-पीने की चीजों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि बंदर छतों और आंगनों में पहुंचकर कपड़े, सामान और अन्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डर के कारण लोग घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को मजबूर हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बंदरों के हमले में कई लोग घायल भी हो चुके हैं। राह चलते लोगों को बंदरों के झुंड से बचकर निकलना पड़ता है। कई बार बंदर बच्चों और बुजुर्गों को दौड़ा लेते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

रुधौली कस्बे के दुकानदार भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आने वाले ग्राहक भी अब डर के माहौल में खरीदारी करने आते हैं। बंदरों के कारण दुकानों के आसपास भी खतरा बना रहता है। कई बार बंदर दुकानों में घुसकर सामान खराब कर देते हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद बंदरों को पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

कस्बेवासियों प्रेमचंद कुमार, नीरज कुमार, संतोष कुमार, रामदेव, अमित कुमार, धीरज, प्रदुम्न और मोहन समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान या जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों के आतंक पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।

वहीं, रुधौली नगर पंचायत के चेयरमैन धीरसेन निषाद ने लोगों को जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था जल्द की जाएगी और नागरिकों को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल रुधौली कस्बे के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत और संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी कदम उठाते हैं।

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