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Rajapakar/कुशीनगर : कुशीनगर जनपद की पडरौना तहसील अंतर्गत सिकटा गांव के पवन कुमार पांडेय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की 2024 की परीक्षा में 334वीं रैंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार का मान बढ़ाया, बल्कि पूरे क्षेत्र को भी गौरवांवित किया है। उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे ही प्रयास में प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि लगन, मेहनत और आत्मविश्वास के सहारे कोई भी ऊंचाई पाई जा सकती है।
पवन कुमार पांडेय गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन रघुवीर पांडेय व गृहिणी किरन देवी के पुत्र हैं। पवन की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर से हुई, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि रखने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और पूरे समर्पण के साथ तैयारी में जुट गए। अपने अनुभव साझा करते हुए पवन ने कहा कि उन्होंने पहले प्रयास में ही परीक्षा की गहराई को समझा और कमियों को दूर कर दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, बहनों के प्रोत्साहन और गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया। पवन ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर लक्ष्य ऊंचा हो और संकल्प दृढ़, तो राह की कठिनाइयां भी मार्गदर्शक बन जाती हैं। पवन की बहन डा. कामना पांडेय वर्तमान में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही हैं। बड़ी बहन कल्पना पांडेय व बहनोई अनुराग पांडेय भी उनके मार्गदर्शन व सहयोग में हमेशा तत्पर रहे।
पवन के बाबा सत्यनारायण पांडेय, मामा संतोष तिवारी जो सेक्शन अफसर हैं, तथा अन्य परिजनों ने भी पवन को नैतिक बल देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पवन की इस सफलता की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, गांव से लेकर गोरखपुर और कुशीनगर तक उनके जानने वालों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सिकटा गांव में लोगों ने मिठाइयां बांटीं, जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाइयां दीं। ग्रामीणों ने इसे पूरे गांव की उपलब्धि बताया और कहा कि पवन की सफलता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी। पवन को बधाई देने वालों में उनके चाचा पत्रकार धनेश्वर पांडेय, महेश पांडेय, रामेश्वर पांडेय, गिरिजेश पांडेय, शिवकुमार पांडेय, राजा महेश्वर शाही, पत्रकार ओमप्रकाश सिंह, धनंजय मिश्र, प्रमोद त्रिपाठी, अजय सिंह, अंजनी सिंह आदि शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि पवन की सफलता ने यह प्रमाणित कर दिया कि साधारण पृष्ठभूमि का युवक भी ईमानदारी और मेहनत से देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकता है। पवन की यह उपलब्धि न सिर्फ सिकटा गांव की, बल्कि पूरे जिले और पूर्वांचल की गौरवशाली उपलब्धि मानी जा रही है।
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