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चित्रकूट के सरकारी स्कूल में दहशत, कुत्ते ने बच्चों को बनाया शिकार

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक संदिग्ध पागल कुत्ता स्कूल परिसर में घुस गया और बच्चों पर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में एक छात्रा और एक छात्र घायल हो गए। दोनों बच्चों के कान और गाल में कुत्ते ने काट लिया। घटना के बाद स्कूल में मौजूद अन्य बच्चों ने डर के कारण कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर अपनी जान बचाई।
यह घटना बरगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बोझ में हुई। बताया गया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे लंच के समय बच्चे स्कूल परिसर में मौजूद थे। कुछ बच्चे बरामदे में बैठकर खाना खा रहे थे, जबकि कुछ बच्चे हाथ धोने और पानी पीने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर के बाईं ओर से एक भूरे रंग का कुत्ता अचानक छलांग लगाकर अंदर आ गया।
कुत्ते के परिसर में आते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए हमले से बच्चे घबरा गए और अपनी-अपनी कक्षाओं की ओर भागने लगे। शिक्षकों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और एक शिक्षक डंडा लेकर कुत्ते को भगाने के लिए उसके पीछे दौड़े, लेकिन कुत्ता तब तक दो बच्चों को अपना शिकार बना चुका था।
कुत्ते ने एक छात्रा और एक छात्र पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों बच्चों के कान और गाल पर चोट आई है। घटना के बाद घायल बच्चों को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मऊ ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
घटना के दौरान अन्य बच्चों में काफी डर का माहौल था। बच्चों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए कक्षा का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और खिड़की से बाहर का नजारा देखते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे काफी डरे हुए थे और कुत्ते के जाने तक कक्षा के अंदर ही बंद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कुत्ता पिछले कई दिनों से गांव में घूम रहा था और कई लोगों पर हमला कर चुका है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कुत्ता पागल हो सकता है। घटना के बाद गांव के लोगों में भी दहशत का माहौल है और उन्होंने प्रशासन से ऐसे आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। खंड शिक्षा अधिकारी केडी पांडेय ने सीएचसी मऊ पहुंचकर घायल बच्चों और उनके परिजनों से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के इलाज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
विद्यालय प्रशासन ने भी घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल परिसर में किसी भी आवारा जानवर के प्रवेश को लेकर सावधानी बरती जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कुत्ते को पकड़ लिया जाता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। फिलहाल घायल बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन की ओर से कुत्ते को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।





