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उत्तर प्रदेश
प्रयागराज में 14 हजार से ज्यादा लोगों को PM आवास मिलेगा
Ashish verma
12 Oct 2026 4:08 PM IST

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PM Awas : प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है। शहर में अब तक करीब 1.20 लाख लोगों ने योजना के तहत पक्का घर पाने की इच्छा जताई है। जिला नगरीय विकास अभिकरण यानी डूडा की ओर से इन आवेदनों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 55 हजार आवेदकों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे और जांच के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान की जा रही है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
पक्का मकान बनाने की उम्मीद लेकर आवेदन करने वाले लोगों की संख्या करीब 1.20 लाख तक पहुंच गई है। हालांकि, आवेदन जमा होना और योजना के लिए पात्र पाया जाना अलग-अलग चरण हैं। डूडा की ओर से की जा रही जांच इसी पात्रता को निर्धारित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। आवेदनों का परीक्षण और आवेदकों का सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोग योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। फिलहाल सभी आवेदकों को लाभ मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक लगभग 55 हजार आवेदकों का सर्वे किया जा चुका है। यह संख्या कुल आवेदनों के आधे से कुछ कम है। करीब 1.20 लाख आवेदनों और 55 हजार पूरे हुए सर्वे के आंकड़ों के आधार पर लगभग 65 हजार आवेदकों का सर्वे शेष है। दोनों आंकड़े अनुमानित हैं, इसलिए शेष आवेदकों की संख्या भी लगभग ही मानी जाएगी। अभी सामने आई जानकारी में बाकी सर्वे पूरा करने की किसी निश्चित समयसीमा का उल्लेख नहीं है।
डूडा की जिम्मेदारी आवेदनों की जांच कर पात्र लोगों की पहचान करना है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। बड़ी संख्या में आवेदन आने के बीच पात्रता की जांच का महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि केवल आवेदन करने से किसी व्यक्ति का चयन तय नहीं होता। सर्वे पूरा हो जाने का अर्थ भी अपने आप आवास की मंजूरी मिल जाना नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल आवेदनों की जांच और पात्र आवेदकों की पहचान का काम चल रहा है।
प्रयागराज में योजना के लिए आए आवेदन पक्का घर पाने की इच्छा रखने वाले लोगों की बड़ी संख्या को दर्शाते हैं। करीब 1.20 लाख लोगों ने इस उम्मीद के साथ आवेदन किया है कि उन्हें मकान बनाने के लिए योजना का लाभ मिलेगा। अब इन आवेदनों पर चल रही जांच उनके लिए अगला महत्वपूर्ण चरण है। पात्रता निर्धारित होने के बाद ही लाभार्थियों की स्थिति स्पष्ट होगी। अभी यह नहीं बताया गया है कि सर्वे किए गए 55 हजार आवेदकों में से कितने पात्र पाए गए हैं।
सर्वे की प्रगति और अंतिम चयन के आंकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है। अधिकारियों ने लगभग 55 हजार आवेदकों का सर्वे पूरा होने की जानकारी दी है। यह सर्वे प्रक्रिया की प्रगति बताता है, लेकिन अंतिम लाभार्थियों की संख्या नहीं बताता। उपलब्ध विवरण में स्वीकृत आवेदनों, अपात्र पाए गए लोगों या लंबित जांच वाले मामलों का अलग ब्योरा नहीं दिया गया है। ऐसे में सर्वे पूरा कर चुके सभी आवेदकों को चयनित लाभार्थी मानना सही नहीं होगा।
आवेदनों की जांच के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि योजना का लाभ पात्र और जरूरतमंद परिवारों को मिले। डूडा की ओर से चल रही प्रक्रिया का केंद्र यही पहचान है। आवेदकों के लिए इस समय सबसे अहम बात उनके आवेदन की जांच और सर्वे की स्थिति है। हालांकि, सामने आई जानकारी में सर्वे के दौरान अपनाई जा रही विस्तृत प्रक्रिया या पात्रता की अलग-अलग शर्तों का उल्लेख नहीं है। इसलिए किसी विशेष आवेदक के चयन के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पक्का घर बनाने का सपना लेकर आवेदन करने वाले परिवारों के लिए योजना से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में आए आवेदनों में से पात्र लोगों को पहचानना अंतिम लाभार्थियों की सूची तय करने की दिशा में आवश्यक कदम है। अभी तक उपलब्ध आंकड़े आवेदन और सर्वे तक सीमित हैं। मकान निर्माण के लिए सहायता की मंजूरी, राशि जारी होने या भुगतान शुरू होने के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल सर्वे की प्रगति को ही सामने आया प्रमुख अपडेट माना जा सकता है।
योजना के तहत कितने लोगों को अंतिम रूप से लाभ मिलेगा, इसकी संख्या जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। करीब 1.20 लाख आवेदन मिलने और 55 हजार आवेदकों का सर्वे पूरा होने के बीच पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। अभी किसी निश्चित संख्या में आवास स्वीकृत होने या किसी तय तारीख तक सहायता मिलने की जानकारी नहीं है। आवेदकों की उम्मीदें पक्का घर पाने से जुड़ी हैं, जबकि डूडा का काम उनके आवेदनों की जांच कर पात्रता तय करना है।
प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ध्यान शेष आवेदकों के सर्वे और पात्र लोगों की पहचान पर है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 55 हजार आवेदकों का सर्वे पूरा हो चुका है और आवेदनों की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी है। अंतिम चयन और स्वीकृति के आंकड़े सामने आने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवेदन करने वाले कितने परिवारों का पक्का मकान बनाने का सपना योजना के माध्यम से पूरा होगा।
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