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American नागरिकों को बनाते थे निशाना, नोएडा पुलिस ने साइबर गैंग दबोचा

Noida नोएडा : गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना बिसरख पुलिस ने विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और चार महिलाओं समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गूगल पर फर्जी विज्ञापन चलाकर विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे और उनसे ठगी करते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक हेडफोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 5,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच कर गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
थाना बिसरख प्रभारी निरीक्षक मुनेद्र कुमार सिंह ने बताया कि लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम को इस साइबर गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिब अमीन, चर्चित शर्मा, कृष्णा देव वर्मन, एंजल देव वर्मन, रंजना सुनार और रेखा के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
गूगल पर फर्जी विज्ञापन देकर बनाते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के तरीके का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी गूगल पर वायरस हटाने, कंप्यूटर बग ठीक करने और साइबर सिक्योरिटी सहायता से जुड़े फर्जी विज्ञापन चलाते थे।
जब कोई व्यक्ति अपने कंप्यूटर या अन्य तकनीकी समस्या के समाधान के लिए गूगल पर मदद तलाशता था तो वह आरोपियों द्वारा दिए गए फर्जी मोबाइल नंबरों तक पहुंच जाता था। इसके बाद आरोपी खुद को सोशल सिक्योरिटी अधिकारी या तकनीकी सहायता देने वाली कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे।
विशेष रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। आरोपी उन्हें भरोसा दिलाते थे कि उनके कंप्यूटर या सिस्टम में गंभीर समस्या है और उसे ठीक करने के लिए तत्काल सहायता की जरूरत है। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से उनसे पैसे ऐंठ लिए जाते थे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार यह साइबर ठगी का नेटवर्क ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित चैरी काउंटी सोसायटी से संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से असम और दिल्ली के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में रहकर विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बना रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे। इनके पास अलग-अलग तकनीकी उपकरण मौजूद थे, जिनकी मदद से वे विदेशों में बैठे लोगों से संपर्क करते और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।
डिजिटल उपकरणों की हो रही जांच
पुलिस ने आरोपियों से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। डिजिटल फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों से ठगी की है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन तकनीकी सहायता लेते समय सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने कंप्यूटर, बैंक खाते या निजी जानकारी तक पहुंच न दें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।





