उत्तर प्रदेश

Noida: इंजीनियर आर्यन की मौत मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने शुरू की जांच

Kavita2
16 July 2026 11:33 AM IST
Noida: इंजीनियर आर्यन की मौत मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने शुरू की जांच
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नोएडा: सेक्टर-58 में 9 जुलाई को हुई इंजीनियर आर्यन की मौत के मामले में अब विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को निदेशालय की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। टीम ने दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करते हुए विद्युत निगम के अधिकारियों से जरूरी दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए।

यह जांच उस घटना के बाद शुरू की गई है, जिसमें तेज बारिश के दौरान हुए जलभराव के बीच इंजीनियर आर्यन की मौत हो गई थी। घटना के बाद बिजली सुरक्षा व्यवस्था और जलभराव के बीच संभावित संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। अब विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है।

घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य

जांच टीम ने बुधवार को सेक्टर-58 पहुंचकर उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां हादसा हुआ था। अधिकारियों ने मौके की स्थिति, बिजली से जुड़े उपकरणों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटाई।

टीम ने विद्युत निगम के अधिकारियों से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें बिजली आपूर्ति व्यवस्था, रखरखाव से जुड़े दस्तावेज और घटना के समय की स्थिति से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

बारिश और जलभराव के बीच हुआ हादसा

9 जुलाई को नोएडा में तेज बारिश हुई थी, जिसके कारण कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई थी। कुछ स्थानों पर तीन फीट तो कई जगहों पर पांच फीट तक पानी भर गया था।

जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ और सामान्य जनजीवन भी बाधित हुआ।

इसी दौरान सेक्टर-58 में इंजीनियर आर्यन की मौत की घटना सामने आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और जलभराव से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठाए।

बिजली सुरक्षा के पहलू की हो रही जांच

विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना में किसी तरह की विद्युत संबंधी लापरवाही तो नहीं हुई थी। टीम यह भी जांच रही है कि मौके पर बिजली सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा बारिश और जलभराव की स्थिति में विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी, इसकी भी समीक्षा की जा रही है।

यदि जांच में किसी तरह की तकनीकी खामी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।

विद्युत निगम से मांगी गई जानकारी

जांच टीम ने विद्युत निगम के अधिकारियों से घटना से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों से बिजली लाइन, उपकरणों की स्थिति और रखरखाव संबंधी जानकारी ली जा रही है।

विद्युत निगम की ओर से जांच में सहयोग किया जा रहा है। विभाग भी अपनी ओर से घटना से जुड़े तथ्यों को जुटा रहा है।

जलभराव की समस्या बनी बड़ी चुनौती

नोएडा समेत कई शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। तेज बारिश के समय सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में बिजली सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के उपकरणों और खुले तारों से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल के निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

आर्यन की मौत के मामले में परिवार और स्थानीय लोगों को जांच से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं, प्रशासन भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच रिपोर्ट में घटना के कारणों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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