उत्तर प्रदेश

डिप्टी एसएस मारपीट केस: चार RPF कर्मी झांसी मंडल अटैच

Kavita2
16 July 2026 10:14 AM IST
डिप्टी एसएस मारपीट केस: चार RPF कर्मी झांसी मंडल अटैच
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आगरा: आगरा रेल मंडल में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) के साथ कथित मारपीट के मामले में रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले में शामिल बताए जा रहे चार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों को तत्काल प्रभाव से झांसी मंडल से अटैच कर दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और मामले की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगने की स्थिति में जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकना जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपी आरपीएफ कर्मियों को वर्तमान तैनाती स्थल से हटाकर दूसरे मंडल से संबद्ध किया गया है। अब पूरे मामले की जांच आगे की प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

ड्यूटी के दौरान विवाद के बाद सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, आगरा रेल मंडल में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट और आरपीएफ कर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट की। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली और मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और मामले की जांच शुरू कराई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सभी तथ्यों और पक्षों को ध्यान में रखा जाएगा। किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो, इसके लिए प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।

जांच प्रभावित न हो, इसलिए उठाया गया कदम

रेलवे प्रशासन का कहना है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित कर्मचारियों को अलग स्थान पर अटैच किया गया है। इसका उद्देश्य जांच प्रक्रिया को स्वतंत्र और प्रभावी बनाए रखना है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम जारी रहेंगे।

रेलवे में अनुशासन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय को काफी महत्व दिया जाता है। किसी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अनुशासनहीनता या हिंसक व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लिया जाता है। इसी नीति के तहत इस मामले में भी कार्रवाई की गई है।

आरपीएफ की भूमिका और जिम्मेदारी

रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे में आरपीएफ कर्मियों पर लगे किसी भी गंभीर आरोप को रेलवे प्रशासन संवेदनशीलता से देखता है।

अधिकारियों का कहना है कि आरपीएफ एक अनुशासित सुरक्षा बल है और किसी भी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत आचरण करने पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और किसकी भूमिका कितनी रही।

कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना मामला

डिप्टी एसएस और आरपीएफ कर्मियों के बीच हुए विवाद का मामला रेल मंडल के कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। रेलवे कर्मचारी संगठन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

रेलवे प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि जांच में किसी तरह का पक्षपात नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर

फिलहाल चारों आरपीएफ कर्मियों को झांसी मंडल से अटैच कर दिया गया है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि संस्थान में अनुशासन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ हो।

आगरा रेल मंडल में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के साथ कथित मारपीट का यह मामला अब जांच के दायरे में है। चार आरपीएफ कर्मियों को झांसी मंडल अटैच किए जाने के बाद उम्मीद है कि जांच प्रक्रिया आगे तेजी से बढ़ेगी और जल्द ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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