- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Nipun भारत मिशन को...
Nipun भारत मिशन को मिलेगी गति, सहारनपुर में शिक्षकों ने लिया बड़ा संकल्प

Saharanpur सहारनपुर : जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित निपुण संकल्प कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने और बच्चों में बुनियादी भाषा एवं गणितीय कौशल विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर जनपद सहारनपुर और शामली के खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, डायट मेंटर, एसआरजी, एआरपी और डायट के वरिष्ठ प्रवक्ताओं के लिए होटल के.आर. प्लाजा में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक मंडल सहारनपुर राजेश कुमार सिंह, कु. कोमल, संतोष कुमार तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि बच्चों के भाषा कौशल को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन नए शब्दों पर चर्चा की जानी चाहिए, जिससे उनका शब्द भंडार बढ़े और समझ विकसित हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में अखबार पठन की आदत को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों में पढ़ने और समझने की क्षमता विकसित हो सके।
जिलाधिकारी ने शिक्षक और छात्र के संबंध को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब कोई बच्चा सफलता हासिल करता है तो सबसे अधिक खुशी उसके शिक्षक और अभिभावकों को होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का बच्चों के साथ सक्रिय संवाद सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि कार्यशाला में मिली सीख को प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाएं और ऐसे बच्चों की विशेष मदद करें जो पढ़ाई में पीछे रह गए हैं।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक राजेश कुमार सिंह ने भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस व्यक्ति की भाषायी समझ मजबूत होती है, वह जीवन के कार्यों को अधिक सहजता से पूरा कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की भाषा क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर ने जिलाधिकारी को सहारनपुर की प्रसिद्ध वुड कारपिंग हस्तकला से तैयार स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए 10 पॉइंट टूल्स, कैच अप कार्यक्रम और शिक्षण अधिगम सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत आधार देना है। कक्षा एक और दो में बच्चे पढ़ना सीखते हैं, जबकि आगे चलकर सीखने के लिए पढ़ते हैं। इसी सोच को निपुण भारत मिशन आगे बढ़ाता है।
लखनऊ से आए निपुण सेल टीम के संदर्भदाता शुभम और जुनैद ने एनबीएमसी पोर्टल के उपयोग, नवीन निपुण लक्ष्य, विभिन्न बैठकों के आयोजन और प्रिंट रिच सामग्री के प्रभावी इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। शुभम ने बाल वाटिका के संचालन और उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला का संचालन एआरपी गोपाल शर्मा और प्रवीण चौधरी ने किया। उन्होंने कार्यशाला के एजेंडे और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर ने सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के बाद सभी प्रतिभागी नई ऊर्जा के साथ विद्यालयों में कार्य करेंगे। इस दौरान अधिकारियों और शिक्षकों को निपुण संकल्प शपथ भी दिलाई गई, जिसमें सभी ने ब्लॉक और जनपद को निपुण बनाने का संकल्प लिया।
कार्यशाला के सफल आयोजन में जिला समन्वयक अरविंद कुमार सिंह, मोहम्मद फहीम, श्रेया पटवा, विकास कुमार और सौरभ पांडे सहित अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





