उत्तर प्रदेश

ई-बसों की नई योजना: कासना में बनेंगे 8 चार्जिंग स्टेशन

Saba Naaz
10 July 2026 10:10 PM IST
ई-बसों की नई योजना: कासना में बनेंगे 8 चार्जिंग स्टेशन
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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बेहतर और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कासना स्थित बस डिपो में ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस पहल के बाद शहर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को चार्जिंग के लिए अब नोएडा और गाजियाबाद के डिपो पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

पहले कासना बस डिपो में पांच ई-बस चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के अनुरोध के बाद अब इनकी संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है। प्राधिकरण की योजना है कि सभी आठ चार्जिंग स्टेशन तैयार होने के बाद ई-बसों के संचालन में आने वाली तकनीकी और व्यवस्थागत परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।

कासना डिपो में तैयार होंगे 8 चार्जिंग स्टेशन

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, कासना बस डिपो में ई-बसों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। डिपो परिसर में बसों की पार्किंग के लिए स्थान भी खाली करा लिया गया है। इसके अलावा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

बताया गया है कि इन चार्जिंग स्टेशनों की क्षमता करीब 240 किलोवाट होगी, जिससे एक साथ कई इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे बसों के संचालन में समय की बचत होगी और चार्जिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

अभी नोएडा और गाजियाबाद पर निर्भर हैं बसें

ग्रेटर नोएडा में ई-बस सेवा शुरू होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग व्यवस्था रही है। वर्तमान में ई-बसों को चार्ज करने के लिए गाजियाबाद के मोहननगर डिपो और नोएडा के इलेक्ट्रिक डिपो का सहारा लेना पड़ता है। इसके कारण बसों के संचालन में अतिरिक्त समय और संसाधनों की जरूरत पड़ती है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक अर्बन सर्विस सनी यादव ने बताया कि ई-बसों के संचालन को सुचारू रखने के लिए स्थानीय स्तर पर चार्जिंग सुविधा विकसित करना जरूरी था। कासना डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद बसों की आवाजाही और संचालन व्यवस्था पहले से बेहतर हो जाएगी।

सिटी पार्क में भी बनेगा चार्जिंग स्टेशन

कासना डिपो के अलावा ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क की पार्किंग में भी ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है। हालांकि बारिश के कारण वहां काम शुरू होने में देरी हुई है। मौसम सामान्य होते ही वहां भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवा को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। स्थानीय स्तर पर चार्जिंग स्टेशन बनने से बसों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल पाएगी।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इनसे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक बनाया जा सकता है। ग्रेटर नोएडा में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद ई-बस सेवा के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।

कासना डिपो में आठ चार्जिंग स्टेशन तैयार होने के बाद ग्रेटर नोएडा की ई-बस व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे न सिर्फ बस संचालन आसान होगा, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन सेवा मिल सकेगी।

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