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इंस्टाग्राम की दोस्ती को प्यार समझ बैठी नाबालिग, शादी की जिद में घर से निकली

गोंडा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुरू हुई दोस्ती कब भावनात्मक लगाव में बदल गई, इसका अंदाजा गोंडा की एक नाबालिग किशोरी को भी नहीं रहा। इंस्टाग्राम पर बाराबंकी के एक युवक से हुई बातचीत धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि किशोरी उसे प्यार समझ बैठी। युवक से शादी करने की जिद पर अड़ी किशोरी का जब स्वजन से विवाद हुआ तो वह नाराज होकर घर से निकल गई। घर से निकलने के बाद वह पहले दिल्ली पहुंची और कई दिनों तक इधर-उधर भटकती रही। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिवार में चिंता का माहौल बन गया और किशोरी की तलाश शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि किशोरी की इंस्टाग्राम के माध्यम से बाराबंकी के युवक से पहचान हुई थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे किशोरी युवक के प्रति भावनात्मक रूप से जुड़ गई और उसे अपना जीवनसाथी मानने लगी। किशोरी ने परिवार के सामने युवक से शादी करने की इच्छा जताई, लेकिन नाबालिग होने के कारण परिवार ने उसकी बात स्वीकार नहीं की।
शादी की जिद पर अड़ी किशोरी
परिवार के समझाने के बावजूद किशोरी युवक से शादी करने की जिद पर अड़ी रही। इसी बात को लेकर घर में तनाव की स्थिति बन गई। स्वजन द्वारा उसकी मांग का विरोध किए जाने के बाद किशोरी नाराज हो गई और घर से निकल गई।
परिवार को जब उसके घर से जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बावजूद जब किशोरी का पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
पहले दिल्ली पहुंची किशोरी
घर से निकलने के बाद किशोरी दिल्ली पहुंच गई। वहां वह कई दिनों तक इधर-उधर भटकती रही। बताया जा रहा है कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में परिचित व्यक्ति का साथ नहीं होने के कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच परिवार के लोग लगातार किशोरी की तलाश में जुटे रहे। सोशल मीडिया के माध्यम से बने संपर्क और युवक से बातचीत के आधार पर भी संभावित स्थानों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
सोशल मीडिया दोस्ती बनी चिंता का कारण
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनजान लोगों से संपर्क बनना आज सामान्य हो गया है। कई बार लगातार बातचीत के कारण बच्चे सामने वाले व्यक्ति पर भावनात्मक रूप से भरोसा करने लगते हैं।
ऐसे मामलों में उम्र, पहचान और सामने वाले व्यक्ति की वास्तविक मंशा की जानकारी न होने के कारण नाबालिगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञ भी अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और उनसे दोस्ताना तरीके से संवाद बनाए रखने की सलाह देते हैं।
युवक से शादी को लेकर थी गंभीर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किशोरी युवक से शादी को लेकर गंभीर थी। उसे यह विश्वास हो गया था कि सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती प्रेम संबंध में बदल चुकी है। इसी भावना के चलते उसने परिवार के विरोध के बावजूद युवक के साथ जाने का फैसला किया।
हालांकि, किशोरी की उम्र कम होने के कारण परिवार उसकी शादी के लिए तैयार नहीं था। परिवार की ओर से समझाने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बनी और किशोरी घर छोड़कर चली गई।
दिल्ली में कई दिन तक भटकती रही
दिल्ली पहुंचने के बाद किशोरी को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिचितों से दूर और अनजान शहर में होने के कारण वह कई दिनों तक भटकती रही। इस दौरान परिवार लगातार उसकी तलाश में लगा रहा।
किशोरी के घर से चले जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया। किशोरी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसकी तलाश और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
परिवार को सोशल मीडिया के प्रति सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना के बाद अभिभावकों के लिए यह संदेश भी सामने आया है कि बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है। केवल डांटने या प्रतिबंध लगाने के बजाय बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना अधिक प्रभावी हो सकता है।
अभिभावकों को यह समझने की जरूरत है कि किशोरावस्था में बच्चे ऑनलाइन संबंधों को लेकर भावनात्मक रूप से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें साइबर सुरक्षा, अनजान लोगों से संपर्क के खतरे और निजी जानकारी साझा नहीं करने के बारे में समझाना जरूरी है।
जांच में सामने आएंगे पूरे तथ्य
मामले में पुलिस और परिवार की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। किशोरी की सोशल मीडिया पर युवक से हुई बातचीत, उसके घर से निकलने की परिस्थितियों और दिल्ली पहुंचने के बाद की गतिविधियों की जानकारी जांच का हिस्सा हो सकती है।
यह भी देखा जाएगा कि किशोरी किन परिस्थितियों में दिल्ली पहुंची और वहां उसे किस तरह की सहायता मिली। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
नाबालिग की सुरक्षा सबसे अहम
किशोरी के घर से निकलने के बाद परिवार की प्राथमिक चिंता उसकी सुरक्षा रही। सोशल मीडिया के जरिए बने संबंध के कारण नाबालिग का इस तरह घर छोड़ना परिवार के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि डिजिटल दुनिया में बनने वाले रिश्तों को लेकर बच्चों को सही मार्गदर्शन देना कितना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति से लंबे समय तक बातचीत होना उसके वास्तविक चरित्र या मंशा की गारंटी नहीं देता।
फिलहाल मामले में किशोरी की सुरक्षा और उसके घर लौटने के बाद पूरे घटनाक्रम को समझना प्राथमिकता है। पुलिस सोशल मीडिया संपर्क और युवक से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना ने अभिभावकों को भी सतर्क किया है कि बच्चों की ऑनलाइन दुनिया पर नजर रखने के साथ-साथ उनके साथ भरोसे और संवाद का रिश्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है।





