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उत्तर प्रदेश
महाकाली नदी में समाया झूला पुल का बीच का हिस्सा, आवाजाही प्रभावित
nidhi
3 Oct 2026 9:24 AM IST

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महाकाली नदी के ऊपर बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त
काठमांडू: नेपाल में महाकाली नदी पर बना विशाल झूला पुल टूटने की घटना सामने आई है। एशिया का दूसरा सबसे बड़ा झूला पुल बताए जा रहे इस पुल का बीच का हिस्सा टूटकर महाकाली नदी में गिर गया। घटना के बाद पुल से आवाजाही प्रभावित हो गई है। पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हलचल मच गई और लोगों को पुल की तरफ जाने से रोकने की कवायद शुरू की गई।
महाकाली नदी पर बना यह झूला पुल स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही अपनी लंबाई और बनावट के कारण यह लोगों के आकर्षण का केंद्र भी रहा है। पुल के बीच का हिस्सा अचानक टूटने से अब इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में पुल का मध्य हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। पुल का एक हिस्सा नदी की ओर गिर जाने के कारण इस पर पैदल आवाजाही करना खतरनाक हो गया है। किसी अन्य हादसे की आशंका को देखते हुए लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से दूर रहने के लिए कहा गया है।
महाकाली नदी नेपाल के महत्वपूर्ण नदी क्षेत्रों में शामिल है। नदी पर बने इस तरह के झूला पुल पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। कई स्थानों पर ये पुल दो क्षेत्रों के बीच संपर्क का प्रमुख साधन होते हैं। ऐसे में पुल के टूटने से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। पुल किस कारण से टूटा, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। पुल की संरचना, केबल और दूसरे हिस्सों की जांच के बाद ही क्षति की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित अधिकारी अब यह पता लगाने में जुट सकते हैं कि पुल का मध्य हिस्सा अचानक कैसे क्षतिग्रस्त हुआ और बाकी संरचना कितनी सुरक्षित है।
झूला पुलों की मजबूती मुख्य रूप से केबल, एंकर और अन्य संरचनात्मक हिस्सों पर निर्भर करती है। लगातार इस्तेमाल, मौसम और नदी क्षेत्र की परिस्थितियों के कारण समय-समय पर इनकी तकनीकी जांच आवश्यक होती है। किसी एक महत्वपूर्ण हिस्से के कमजोर होने से पूरे पुल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
घटना के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता पुल पर आवाजाही रोककर लोगों को सुरक्षित रखना है। क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि पुल की मरम्मत की जाएगी या बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की जरूरत होगी। जब तक पुल को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक इस रास्ते से आवाजाही मुश्किल बनी रह सकती है। स्थानीय लोगों के लिए पुल का टूटना बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। रोजाना काम, बाजार, शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है। यदि वैकल्पिक मार्ग लंबा है तो लोगों की यात्रा का समय भी बढ़ सकता है।
घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने को लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से पुल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किए जाने की उम्मीद है। महाकाली नदी में पुल का बीच का हिस्सा गिरने की घटना ने एक बार फिर पुराने और बड़े झूला पुलों की नियमित निगरानी तथा रखरखाव की जरूरत को सामने रखा है। फिलहाल पुल पर सामान्य आवाजाही बहाल होने के लिए तकनीकी जांच और मरम्मत का इंतजार करना होगा।
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