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हज-2027 के लिए मेडिकल फिटनेस जरूरी 15 सितंबर अंतिम तारीख

अयोध्या। हज-2027 की तैयारी कर रहे जिले के 144 चयनित आजमीन-ए-हज के लिए मेडिकल फिटनेस प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। भारत सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रत्येक चयनित हज यात्री को सरकारी एलोपैथिक चिकित्सक से मेडिकल स्क्रीनिंग करानी होगी और इसके बाद जारी फिटनेस प्रमाणपत्र को 15 सितंबर 2026 तक अपने लॉगइन आईडी पर अपलोड करना होगा। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आगे की औपचारिकताओं में परेशानी हो सकती है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देश के बाद जिला स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चयनित आजमीन को सरकारी अस्पताल पहुंचकर निर्धारित प्रारूप के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी साथ लेकर जाने को कहा गया है, ताकि अस्पताल में मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार मेडिकल प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जानी है। स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
144 आजमीन-ए-हज का हुआ चयन
हज-2027 के लिए जिले से कुल 144 आजमीन-ए-हज चयनित किए गए हैं। अब इन सभी को यात्रा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया के तहत मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करना होगा।
हज यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी, लंबी यात्रा, मौसम और शारीरिक गतिविधियों को देखते हुए यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।
प्रक्रिया के तहत सरकारी एलोपैथिक चिकित्सक आजमीन की स्वास्थ्य जांच करेंगे। निर्धारित जांच के बाद चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त पाए जाने पर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
15 सितंबर अंतिम तारीख
मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के साथ उसे ऑनलाइन अपलोड करना भी जरूरी है। आजमीन को 15 सितंबर 2026 तक प्रमाणपत्र अपने संबंधित लॉगइन आईडी के माध्यम से अपलोड करना होगा।
ऐसे में चयनित यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अस्पताल जाकर अपनी मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी करा लें। समय रहते प्रक्रिया पूरी करने से तकनीकी समस्या या दस्तावेजों में कमी सामने आने पर उसे सुधारने का अवसर मिल सकेगा।
जिला स्तर पर भी आजमीन को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अस्पताल जाते समय ये दस्तावेज रखें साथ
जिला हज ट्रेनर कारी अब्दुल वहीद ने चयनित आजमीन को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल जाते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने की सलाह दी है।
आजमीन को हज आवेदन या हज आईडी की प्रति, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, दो पासपोर्ट साइज फोटो और निर्धारित मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र फॉर्म साथ लेकर जाना होगा। इसके अलावा यदि प्रक्रिया के लिए कोई अन्य आवश्यक दस्तावेज निर्धारित किया गया हो तो उसे भी साथ रखना उपयोगी होगा।
सभी कागजात पहले से तैयार रखने पर अस्पताल में दस्तावेजों की कमी के कारण दोबारा आने की परेशानी से बचा जा सकेगा।
सरकारी एलोपैथिक डॉक्टर से करानी होगी जांच
हज यात्रियों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि मेडिकल स्क्रीनिंग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सरकारी एलोपैथिक चिकित्सक से ही कराई जाए। किसी अन्य स्तर पर तैयार प्रमाणपत्र को स्वीकार किए जाने को लेकर समस्या उत्पन्न न हो, इसलिए हज कमेटी के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मिलने के बाद चयनित यात्रियों की जांच की प्रक्रिया सुचारू बनाने की तैयारी की जा रही है।
मेडिकल स्क्रीनिंग के दौरान चिकित्सक यात्री की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण करेंगे। जरूरत के अनुसार पहले से मौजूद स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड या उपचार की जानकारी भी उपयोगी हो सकती है।
हज यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण
हज यात्रा में यात्रियों को कई तरह की शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में लोगों के बीच धार्मिक अनुष्ठान, पैदल चलना और मौसम की परिस्थितियां बुजुर्ग तथा पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।
इसी वजह से यात्रा से पहले मेडिकल स्क्रीनिंग को महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे यात्री की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलती है और जरूरत पड़ने पर यात्रा से पहले आवश्यक चिकित्सकीय सलाह ली जा सकती है।
चयनित आजमीन में यदि कोई नियमित दवाओं का सेवन करता है तो उसे अपने चिकित्सक से यात्रा के दौरान दवा और स्वास्थ्य प्रबंधन के संबंध में भी सलाह लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था के निर्देश
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल प्रक्रिया के लिए जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि चयनित यात्रियों को फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिले से 144 लोगों का चयन होने के कारण आने वाले दिनों में सरकारी अस्पतालों में हज यात्रियों की मेडिकल जांच के लिए आवाजाही बढ़ सकती है। ऐसे में संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा।
ऑनलाइन अपलोड करना न भूलें
सिर्फ मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवा लेना प्रक्रिया को पूरा नहीं करेगा। प्रमाणपत्र को निर्धारित पोर्टल पर अपने लॉगइन आईडी से अपलोड करना भी अनिवार्य है।
आजमीन को अपलोड करने के बाद यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि दस्तावेज स्पष्ट और सही तरीके से जमा हुआ है। गलत या अस्पष्ट दस्तावेज अपलोड होने पर आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
यदि ऑनलाइन प्रक्रिया समझने में किसी यात्री को परेशानी हो तो वह संबंधित हज अधिकारियों या अधिकृत सहायता व्यवस्था से जानकारी प्राप्त कर सकता है।
फिलहाल जिले के सभी 144 चयनित आजमीन-ए-हज के लिए सबसे महत्वपूर्ण समयसीमा 15 सितंबर है। इससे पहले मेडिकल स्क्रीनिंग, फिटनेस प्रमाणपत्र और ऑनलाइन अपलोड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अंतिम दिनों की भीड़ से बचने और समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है।





