उत्तर प्रदेश

मामूरा अग्निकांड: स्नेहा की मौत से सदमे में दोस्त, बोली- काश छुट्टी नहीं ली होती

Saba Naaz
15 July 2026 7:55 PM IST
मामूरा अग्निकांड: स्नेहा की मौत से सदमे में दोस्त, बोली- काश छुट्टी नहीं ली होती
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नोएडा। नोएडा के मामूरा गांव में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली 26 वर्षीय स्नेहा की मौत ने उनके दोस्तों और परिचितों को झकझोर कर रख दिया है। स्नेहा के दोस्त दानिश इस बात को लेकर बेहद दुखी हैं कि अगर स्नेहा उस दिन छुट्टी न लेतीं और ऑफिस चली जातीं तो शायद आज उनके बीच होतीं।

दानिश ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें इस बात का हमेशा अफसोस रहेगा कि स्नेहा ने उस दिन छुट्टी ली थी। उन्होंने बताया कि स्नेहा उनके लिए सिर्फ एक दोस्त नहीं बल्कि बहन जैसी थीं। मामूरा स्थित पीजी में लगी आग ने उनसे एक हंसमुख और मेहनती साथी को हमेशा के लिए छीन लिया।

बिहार की रहने वाली स्नेहा नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक बीपीओ कंपनी में काम करती थीं। वह अपने काम को लेकर काफी जिम्मेदार थीं। हादसे वाले दिन उन्होंने निजी काम के लिए छुट्टी लेने की कोशिश की थी, लेकिन छुट्टी मंजूर नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने बीमारी का कारण बताकर अवकाश ले लिया था।

किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छुट्टी उनकी जिंदगी की आखिरी छुट्टी साबित होगी। मंगलवार को मामूरा गांव स्थित चार मंजिला इमारत में बने पीजी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे में स्नेहा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवार और दोस्तों में मातम छा गया। दानिश ने बताया कि स्नेहा हमेशा सकारात्मक रहने वाली लड़की थीं और अपने आसपास के लोगों की मदद करती थीं।

मामूरा अग्निकांड ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इमारत में पीजी संचालित हो रहा था, वहां आग से बचाव के इंतजामों को लेकर जांच की जा रही है। हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में अफरा-तफरी मच गई थी। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

स्नेहा के दोस्तों का कहना है कि वह अपने भविष्य को लेकर काफी गंभीर थीं। वह मेहनत कर अपने करियर में आगे बढ़ना चाहती थीं। उनकी अचानक मौत ने परिवार और दोस्तों को तोड़कर रख दिया है।

दानिश बार-बार यही कहते हैं कि अगर स्नेहा उस दिन ऑफिस चली जातीं तो शायद यह हादसा नहीं होता। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। मामूरा अग्निकांड में स्नेहा की मौत उनके परिवार और दोस्तों के लिए कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गई है।

फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। वहीं, मृतकों के परिवारों को मदद पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है। इस घटना ने एक बार फिर पीजी और किराये की इमारतों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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