उत्तर प्रदेश

UP के दो शहरों को बड़ी सौगात, नए समेकित कलेक्ट्रेट भवनों पर करोड़ों खर्च

Ratna Netam
4 Aug 2026 8:32 PM IST
UP  के दो शहरों को बड़ी सौगात, नए समेकित कलेक्ट्रेट भवनों पर करोड़ों खर्च
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट के माध्यम से प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति देने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। विधानसभा और विधान परिषद में मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट में संभल जिले के बहजोई और वाराणसी में नए समेकित कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण के लिए 140.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इन आधुनिक प्रशासनिक परिसरों के बनने से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और आम नागरिकों को विभिन्न विभागों से जुड़े कार्य एक ही परिसर में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
अनुपूरक बजट में राजस्व विभाग के लिए कुल 1,014.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीएमएफ) के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी शामिल है। यह राशि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में उपयोग की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करना है।
संभल जिले के प्रशासनिक मुख्यालय बहजोई में समेकित कलेक्ट्रेट भवन के साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रदेश के मंडल, जिला और तहसील स्तर पर सरकारी आवासीय भवनों के निर्माण, विस्तार, पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 85 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजट व्यवस्था की गई है। इससे प्रशासनिक अधिकारियों को बेहतर कार्यस्थल और आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, वहीं नागरिकों को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिलेगा।
सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अनुपूरक बजट में लगभग 1.475 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भूजल जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार योजना के लिए प्रस्तावित की गई है। इस योजना के तहत लोगों को भूजल संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्तर बनाए रखने के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार घटते भूजल स्तर को देखते हुए ऐसी पहल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
सामाजिक समरसता और महापुरुषों की विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग डॉ. अंबेडकर से जुड़े स्मारकों, मूर्तियों और अन्य विकास कार्यों को गति देने के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से सामाजिक समानता और संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 1,655 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना हेतु 155 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का भी निर्णय लिया है। यह तीन वर्षीय योजना वर्तमान खरीफ सीजन के साथ समाप्त होने वाली थी, लेकिन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे अगले वर्ष की रबी फसल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए विकल्पों पर विचार करने के बाद राज्य सरकार ने फिलहाल मौजूदा बीमा कंपनियों को ही खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी है। इससे किसानों को बिना किसी व्यवधान के फसल बीमा का लाभ मिलता रहेगा।
सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट में किए गए ये प्रावधान प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने, शिक्षा और कृषि को प्रोत्साहन देने तथा आपदा प्रबंधन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। संभल और वाराणसी में नए समेकित कलेक्ट्रेट भवनों का निर्माण, भूजल संरक्षण अभियान, छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार और फसल बीमा योजना का सेवा विस्तार प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को ध्यान में रखकर लिए गए निर्णय माने जा रहे हैं।
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