उत्तर प्रदेश

बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा जाली नोटों की गिनती जारी

Ratna Netam
1 Sept 2026 9:54 PM IST
बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा जाली नोटों की गिनती जारी
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सहारनपुर : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में नकली नोटों के मिलने का मामला अब बड़ा रूप लेता जा रहा है। जांच में सामने आया है कि यहां बरामद जाली नोटों की कीमत करीब **17 करोड़ रुपये** तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए **भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)** की टीम जांच में जुट गई है।
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी संख्या में नकली नोटों का मिलना सुरक्षा व्यवस्था और नोटों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है। रिजर्व बैंक की टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट बैंक तक कैसे पहुंचे और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
करेंसी चेस्ट में मिले करोड़ों के नकली नोट
जानकारी के मुताबिक, पीएनबी के करेंसी चेस्ट में नोटों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में जाली नोट पकड़े गए। शुरुआती जांच में इनकी कीमत करोड़ों रुपये में सामने आई। जैसे-जैसे नोटों की गिनती और जांच आगे बढ़ी, नकली नोटों की संख्या बढ़ती गई।
करेंसी चेस्ट बैंकों की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था होती है, जहां बड़ी मात्रा में नकदी रखी जाती है और जरूरत के अनुसार शाखाओं में भेजी जाती है। ऐसे में यहां नकली नोटों का मिलना गंभीर मामला माना जा रहा है।
RBI की टीम कर रही जांच
मामले की जानकारी मिलने के बाद रिजर्व बैंक ने जांच शुरू कर दी है। RBI की टीम यह जांच कर रही है कि नकली नोटों की पहचान करने में कहां चूक हुई और इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंच गए।
जांच के दौरान बैंक के रिकॉर्ड, नोटों की आवाजाही से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है।
बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर बैंक में जमा होने वाले नोटों की जांच मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा की जाती है।
ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि नकली नोटों की पहचान पहले क्यों नहीं हो पाई। अगर नकली नोट लंबे समय तक सिस्टम में बने रहे तो यह बैंकिंग सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
कैसे पहुंचते हैं नकली नोट?
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली नोट आमतौर पर बाजार में लेन-देन के जरिए घूमते हुए बैंकिंग सिस्टम तक पहुंचते हैं। कई बार लोग अनजाने में नकली नोट स्वीकार कर लेते हैं और बाद में जब वह बैंक में जमा होते हैं तो उनकी पहचान होती है।
बैंक में नोट जमा होने के दौरान मशीनों और कर्मचारियों की जांच से नकली नोट अलग किए जाते हैं। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने से जांच प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में लापरवाही कहां हुई। बैंक कर्मचारियों, करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था और नकदी के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
नकली नोटों को लेकर सरकार की सख्ती
भारत में नकली नोटों की समस्या को रोकने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक लगातार कदम उठाते रहे हैं। नोटों में सुरक्षा फीचर्स बढ़ाने से लेकर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने तक कई प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके बावजूद समय-समय पर नकली नोटों के मामले सामने आते रहते हैं।
ग्राहकों को भी रहना चाहिए सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि आम लोगों को भी नोट लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए। बड़े लेन-देन के दौरान नोटों की जांच करना जरूरी है।
नकली नोट मिलने पर उसे आगे चलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि तुरंत बैंक या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल रिजर्व बैंक की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि नकली नोटों की इतनी बड़ी मात्रा बैंक के करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का मामला बैंकिंग सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब सभी की नजर RBI की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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