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उत्तर प्रदेश
फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती सैकड़ों DL रद्द करने की तैयारी
Ratna Netam
1 Sept 2026 9:03 PM IST

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाने की प्रक्रिया में हुई कथित धांधली के मामले में परिवहन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही गलत तरीके से बनाए गए सैकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मामले में शामिल एक निजी फर्म को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के बाद लाइसेंस बनाने की व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
जानकारी के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई।
जांच के दौरान लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज जानकारी की पड़ताल की गई। जांच में कुछ ऐसे मामले मिले जिनमें नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ लाइसेंस निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किए गए थे। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया गया।
दो अधिकारियों पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही पाए जाने पर परिवहन विभाग ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की सही निगरानी नहीं की।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सैकड़ों लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
धांधली के जरिए बनाए गए ड्राइविंग लाइसेंस की पहचान की जा रही है। विभाग अब ऐसे सभी DL की समीक्षा कर रहा है, जो नियमों के खिलाफ जारी किए गए हैं।
जांच पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी दस्तावेज या गलत प्रक्रिया से हासिल किए गए लाइसेंस सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
निजी फर्म को किया गया ब्लैकलिस्ट
लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया से जुड़ी एक निजी फर्म पर भी कार्रवाई की गई है। जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
विभाग ने कहा है कि सरकारी सेवाओं से जुड़े कामों में पारदर्शिता जरूरी है। किसी भी निजी एजेंसी को नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डिजिटल सिस्टम के बावजूद उठे सवाल
सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है। इसके बावजूद कुछ जगहों पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सख्त निगरानी और नियमित ऑडिट जरूरी है, ताकि फर्जी तरीके से लाइसेंस हासिल करने वालों पर रोक लगाई जा सके।
सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
ड्राइविंग लाइसेंस केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि वाहन चलाने की योग्यता का प्रमाण होता है। बिना सही जांच के लाइसेंस जारी होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
इसी कारण परिवहन विभाग ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है। विभाग का कहना है कि लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगी जांच
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। संदिग्ध लाइसेंसों की सूची तैयार की जा रही है और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
अगर किसी व्यक्ति ने गलत तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया है तो उसका DL रद्द किया जा सकता है। साथ ही संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
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