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उत्तर प्रदेश
NCC कंपनी के गोदाम में भीषण आग, 6 दमकल गाड़ियों ने 3 घंटे के बाद पाया काबू
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 6:56 PM IST

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हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बिलग्राम मार्ग पर स्थित नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनसीसी) के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। गोदाम में जल जीवन मिशन से संबंधित निर्माण सामग्री रखी हुई थी। आग लगने के बाद देखते ही देखते ऊंची लपटें उठने लगीं और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की छह गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा। दमकलकर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलग्राम रोड स्थित एनसीसी कंपनी के गोदाम में हुई। कंपनी जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने और पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्य कर रही है। इसी काम के लिए गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक पाइप और अन्य निर्माण सामग्री रखी गई थी।गुरुवार तड़के अचानक गोदाम से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। गोदाम में रखे प्लास्टिक पाइप और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दूर से ही आसमान में काले धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
आग की लपटें देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दमकल विभाग को सुबह करीब 5:45 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लपटों की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ी। इसके बाद सदर, संडीला और बिलग्राम से दमकल की गाड़ियां बुलवाई गईं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश सिंह के अनुसार, आग की गंभीरता को देखते हुए कुल छह दमकल वाहनों को अभियान में लगाया गया। विभिन्न अग्निशमन केंद्रों से पहुंचे कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया।दमकल विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती गोदाम में रखी बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री थी। प्लास्टिक पाइप में आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैल रही थीं। इसके साथ धुआं भी काफी अधिक निकल रहा था, जिससे अग्निशमन अभियान मुश्किल हो गया।
दमकलकर्मियों ने आग को गोदाम के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार की। कई दिशाओं से आग बुझाने का प्रयास किया गया। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद लपटों पर नियंत्रण पाया जा सका।आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाना पड़ा। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में आग पूरी तरह बुझाने में लगे समय को लेकर मामूली अंतर है। कुछ रिपोर्टों में तीन घंटे, जबकि अन्य में लगभग चार घंटे की मशक्कत का उल्लेख किया गया है।
घटना में गोदाम के भीतर रखे प्लास्टिक पाइप और निर्माण सामग्री को काफी नुकसान पहुंचा है। बड़ी मात्रा में सामान जलने के कारण आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में नुकसान लाखों रुपये तक होने की संभावना बताई गई है, लेकिन वास्तविक नुकसान का आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, गोदाम में रखी सामग्री की सूची और आग से प्रभावित हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद ही नुकसान की सही राशि स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी निश्चित रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।आग लगने का कारण भी अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट, किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण की भूमिका रही है या नहीं, इसकी जांच की आवश्यकता है। अधिकारियों की जांच के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।गोदाम में आग लगने से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों के लिए रखी सामग्री भी प्रभावित हुई है। हालांकि, इससे परियोजना के कामकाज पर कितना असर पड़ेगा, इस संबंध में कंपनी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल के जरिए सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने, पानी की टंकियों और अन्य आवश्यक ढांचे का निर्माण किया जाता है।हरदोई जिले में भी जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। निर्माण कंपनियां इन कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में पाइप, उपकरण और अन्य सामग्री का भंडारण करती हैं। ऐसे गोदामों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना आवश्यक है।विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री वाले गोदामों में आग लगने से नुकसान तेजी से बढ़ सकता है। यदि भंडारण स्थल पर उचित दूरी, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था न हो, तो आग फैलने का खतरा अधिक रहता है।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गोदामों में नियमित अग्नि सुरक्षा परीक्षण, विद्युत उपकरणों की जांच और कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण देना जरूरी माना जाता है।हरदोई की इस घटना ने एक बार फिर बड़े गोदामों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को सामने ला दिया है। खासतौर पर उन स्थानों पर, जहां प्लास्टिक पाइप, रसायन या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है, सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।घटना के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग के सामने आग लगने के कारणों का पता लगाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है।
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