उत्तर प्रदेश

CM योगी का बड़ा ऐलान ऐलान, 75 जिलों के युवाओं को लाभ

Rajeshwari Nishad
31 Oct 2026 4:30 PM IST
CM योगी का बड़ा ऐलान ऐलान, 75 जिलों के युवाओं को लाभ
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को लेकर बड़ी घोषणा की है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल और रोजगार जोन स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्ध नगर से की जा चुकी है। इसके अलावा राज्य के सभी 18 मंडलीय मुख्यालयों में कौशल और रोजगार केंद्र स्थापित करने के लिए धनराशि पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाना है, ताकि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
75 जिलों में युवाओं को मिलेगी नई सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में कौशल और रोजगार जोन स्थापित होने से युवाओं को अपने आसपास ही प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। हर साल बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में निकलते हैं। हालांकि, कई बार उद्योगों की जरूरतों और युवाओं के पास उपलब्ध कौशल के बीच अंतर होने के कारण उन्हें रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
ऐसे में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने वाले केंद्र युवाओं को नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद कर सकते हैं। सरकार की योजना इसी अंतर को कम करने की दिशा में एक प्रयास है।
1,725 करोड़ रुपये की योजना से तैयार होगा कौशल नेटवर्क
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए तीन वर्षों में लगभग 1,725 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। इसके तहत प्रदेश को नौ कौशल एवं रोजगार क्षेत्रों में विभाजित करने की योजना है। प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय उद्योगों, बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण केंद्र बनाना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है। इसके लिए उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।
पहले चरण में इन पांच जिलों को मिली प्राथमिकता
योजना के शुरुआती चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी और गौतमबुद्ध नगर में प्रमुख केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन जिलों का चयन अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
लखनऊ में एमएसएमई विभाग, गोरखपुर में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण और झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भूमिका होगी। कानपुर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल अपनाने की योजना है, जबकि गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों का सहयोग लिया जाएगा।
एक ही छत के नीचे पंजीकरण से प्लेसमेंट तक सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों पर युवाओं को पंजीकरण, उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण तथा रोजगार से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।
उदाहरण के लिए, हाईस्कूल उत्तीर्ण कोई युवा नौकरी की तलाश में केंद्र पर पहुंचता है तो पहले उसका पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद उसकी रुचि और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर संबंधित संस्थान या फैक्ट्री में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इस व्यवस्था से युवाओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। रोजगार उपलब्धता और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
विदेशों में नौकरी के इच्छुक युवाओं को भी मिलेगा प्रशिक्षण
इस योजना की एक विशेषता विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ी तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और जर्मनी जैसे देशों में काम करने के इच्छुक युवाओं को संबंधित देश की भाषा और आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी।
उदाहरण के तौर पर नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कोई युवा विदेश में काम करना चाहता है तो उसे भाषा के साथ संबंधित देश की पेशेवर आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जा सकेगा। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संबंधित संस्थाओं और दूतावासों से सहयोग लेने की बात भी कही गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन केंद्रों की सेवाएं केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहेंगी। रोजगार की तलाश कर रहे अधिक उम्र के व्यक्ति भी इनसे जुड़ सकेंगे।
कई बड़ी संस्थाओं के साथ समझौते
योजना को उद्योगों से जोड़ने के लिए सरकार ने विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किए हैं। इनमें टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, पीटीसी, मिंडा और अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
इन साझेदारियों का उद्देश्य प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों को शामिल करना है। इससे युवाओं को ऐसे कौशल सिखाए जा सकेंगे, जिनकी रोजगार बाजार में मांग है।
स्वरोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को नौकरी के साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उल्लेख करते हुए पांच लाख रुपये तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता की व्यवस्था की जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से छोटे कारोबार शुरू करने के अवसर उपलब्ध हैं। सरकार का प्रयास है कि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में प्रशिक्षित युवाओं को जॉब ऑफर और प्लेसमेंट लेटर तथा स्वरोजगार से जुड़े लाभार्थियों को टूलकिट और वित्तीय सहायता के चेक देने की व्यवस्था भी की गई।
अब योजना के क्रियान्वयन पर रहेगी नजर
प्रदेश के सभी 75 जिलों में कौशल और रोजगार जोन स्थापित करने की घोषणा के बाद अब केंद्रों के निर्माण, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और उद्योगों के साथ साझेदारी पर ध्यान रहेगा।सरकार ने 18 मंडलीय मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था करने की बात कही है। हालांकि, सभी 75 जिलों में केंद्र कब तक पूरी तरह संचालित होंगे, इसकी निश्चित समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने लोगों को प्रशिक्षण मिलता है, कितने प्रशिक्षार्थियों को रोजगार प्राप्त होता है और कितने लोग स्वरोजगार शुरू कर पाते हैं।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर शुरू की गई यह पहल उत्तर प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सेवाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। आने वाले समय में इसके वास्तविक परिणाम सामने आएंगे।
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