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लखीमपुर खीरी में पुलिस कस्टडी मौत मामले में बड़ा एक्शन, दरोगा समेत तीन सिपाही निलंबित, मजिस्ट्रेट जांच शुरू

उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी जिले में पुलिस कस्टडी में हुई शिवकुमार की मौत के मामले ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शारदा नगर थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) समेत तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
लखीमपुर खीरी की एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने मामले में कार्रवाई करते हुए एसआई शिव कुमार, सिपाही चंद्रभान, सिद्धार्थ गौतम और सचिन शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत बेहद गंभीर मामला होता है और ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच जरूरी होती है। इसी को देखते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शिवकुमार की मौत पुलिस कस्टडी के दौरान हुई थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मजिस्ट्रेट जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी। इसमें पुलिस हिरासत में हुई मौत के कारण, पुलिसकर्मियों की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस विभाग ने यह भी कहा है कि मृतक के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
पुलिस कस्टडी में मौत के मामलों में मानवाधिकारों और हिरासत प्रक्रिया को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह पारदर्शी जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। लखीमपुर खीरी मामले में भी प्रशासन ने इसी दिशा में कदम उठाते हुए मजिस्ट्रेट जांच शुरू कराई है।
वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। पुलिस विभाग की ओर से कहा गया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।





