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गोरखपुर जिला: कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर शुक्रवार को सवाल खड़े हो गए, जब दुष्कर्म और अपहरण के मामले में बंद एक आरोपित बंदी जेल परिसर से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि बंदी को जेल के अंदर स्थित खेत में काम करने के लिए भेजा गया था, इसी दौरान वह मौका पाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। बंदियों की गिनती के दौरान उसकी अनुपस्थिति सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
फरार बंदी की पहचान बांसगांव क्षेत्र के सरसोपार निवासी विपिन कुमार के रूप में हुई है। वह अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में जिला कारागार में बंद था। पुलिस के अनुसार, विपिन कुमार को बांसगांव थाना पुलिस ने 18 जुलाई को अपहरण के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान जब पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई तो मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गईं।
इसके बाद पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में रखा गया था। शुक्रवार सुबह जेल प्रशासन की ओर से बंदियों को रोजाना की तरह अलग-अलग कार्यों के लिए भेजा गया था। इसी दौरान विपिन कुमार को भी जेल परिसर में बने खेत में काम करने के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे विपिन अन्य बंदियों के साथ खेत में काम करने पहुंचा था। काम पूरा होने के बाद जब सभी बंदियों को वापस बैरक में लाया गया और उनकी गिनती शुरू की गई तो विपिन कुमार गायब मिला। पहले जेल कर्मचारियों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन जब काफी देर तक उसका पता नहीं चला तो इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस को दी गई।
बंदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और अन्य पुलिस टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिले से बाहर जाने वाले संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जीआरपी और आरपीएफ को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि फरार आरोपित किसी माध्यम से जिले से बाहर न निकल सके।
पुलिस ने फरार बंदी के रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जेल परिसर से फरार होने में बंदी ने किस तरह का रास्ता अपनाया और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। जेल प्रशासन से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी जा सकती है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या फरारी में किसी अन्य व्यक्ति की मदद शामिल थी या बंदी ने अकेले ही योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि फरार बंदी की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस की कई टीमें उसकी खोज में लगी हैं और जल्द ही उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गंभीर आपराधिक मामलों में बंद आरोपी के जेल से फरार होने की घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस और जेल प्रशासन दोनों ही मामले की जांच में जुटे हैं, ताकि फरारी के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





