उत्तर प्रदेश

17 करोड़ के नकली नोट मामले में बड़ा एक्शन तीन आरोपियों के खाते सीज

nidhi
2 Sept 2026 8:53 AM IST
17 करोड़ के नकली नोट मामले में बड़ा एक्शन तीन आरोपियों के खाते सीज
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PNB करेंसी चेस्ट कांड
सहारनपुर: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े तीन आरोपितों के बैंक खातों को सीज करा दिया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की टीम भी जांच के लिए सहारनपुर पहुंची है। टीम करेंसी चेस्ट से जुड़े रिकॉर्ड और नकली नोटों के बैंक तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।
मामला सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और करेंसी चेस्ट की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध और नकली करेंसी आखिर करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची, इसकी जांच प्रमुखता से की जा रही है। पुलिस के साथ बैंक और RBI के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच के दौरान तीन आरोपितों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें सीज कराया गया है। अब खातों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि इन खातों के माध्यम से कब और कितनी रकम का ट्रांजैक्शन हुआ तथा रकम किन लोगों या संस्थाओं के खातों में भेजी गई। संदिग्ध लेनदेन मिलने पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है। RBI की टीम के सहारनपुर पहुंचने के बाद करेंसी चेस्ट में रखे नोटों से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की गई है। टीम बैंक की आंतरिक प्रक्रिया के साथ नोटों को जमा करने और करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी समझ रही है। इसके अलावा नकली नोटों की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनों और जांच प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। यह पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध नोट कब से जमा हो रहे थे और उनकी पहचान समय रहते क्यों नहीं हो सकी। अगर जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
करीब 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आरोपितों के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों का प्रयास यह पता लगाना है कि नकली करेंसी का स्रोत क्या था और इसे बैंकिंग सिस्टम में पहुंचाने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल पुलिस, बैंक और RBI के स्तर पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली करेंसी के इस बड़े मामले का पूरा नेटवर्क कितना व्यापक है और इसमें किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।
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