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उत्तर प्रदेश
50 टीबी फुटेज चोरी का आरोप, महाकुंभ डॉक्यूमेंट्री घोटाले में बड़ी कार्रवाई
nidhi
9 Oct 2026 7:44 AM IST

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महाकुंभ डॉक्यूमेंट्री के नाम पर करोड़ों की ठगी
लखनऊ: महाकुंभ-2025 पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के नाम पर सात करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी और गबन के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने मुख्य आरोपी इंद्रजीत नट्टोजी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी को 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वर्सोवा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का भुगतान किए जाने के बावजूद काम पूरा नहीं किया गया। आरोप है कि फर्जी बिल, कूटरचित अनुबंध और भ्रामक दस्तावेजों के जरिए रकम का दुरुपयोग किया गया।
डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए हुआ था करोड़ों का अनुबंध
शिकायतकर्ता पुनीत सिक्का मेसर्स आईक्यू की निदेशक हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, 2 जनवरी 2025 को महाकुंभ पर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के लिए मेसर्स आईएनके पिक्चर्स और एमकोड वेंचर्स एलएलपी के साथ अनुबंध किया गया था। परियोजना के लिए जीएसटी सहित कुल 5,60,21,304 रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि भुगतान मिलने के बावजूद डॉक्यूमेंट्री तैयार नहीं की गई। परियोजना से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान कथित अनियमितताएं सामने आईं। मामले में यह भी आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से परियोजना की लागत और खर्चों को बढ़ाकर दिखाया गया।
कैटरिंग के नाम पर 75 लाख रुपये के फर्जी बिल का आरोप
ईओडब्ल्यू की जांच में आरोप लगाया गया है कि परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के भोजन और कैटरिंग के नाम पर लगभग 75 लाख रुपये के हस्तलिखित फर्जी बिल पेश किए गए। इन बिलों के आधार पर भुगतान हासिल करने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि शूटिंग और स्टूडियो के किराये के नाम पर भी अतिरिक्त धनराशि मांगी गई थी। काम पूरा नहीं करने की धमकी देकर करीब 20 लाख रुपये की जबरन वसूली किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। एजेंसी इन सभी वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
50 टीबी से अधिक फुटेज चोरी करने का भी आरोप
इस मामले में डॉक्यूमेंट्री परियोजना से संबंधित 50 टेराबाइट से अधिक फुटेज चोरी किए जाने का आरोप भी सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, परियोजना से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की गई है। ईओडब्ल्यू का दावा है कि मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद इंद्रजीत नट्टोजी समेत छह आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली और धमकी से संबंधित आरोपों के तथ्य सामने आए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी परियोजना से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का ध्यान कथित फर्जी बिलों, अनुबंधों, भुगतान के रिकॉर्ड और चोरी किए गए फुटेज से जुड़े साक्ष्यों पर है। महाकुंभ-2025 दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल रहा। इस आयोजन पर डॉक्यूमेंट्री बनाने की परियोजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई तेज की है।
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