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हिमाचल प्रदेश
मनाली में राष्ट्रपति का अनोखा अंदाज, चखा हिमाचली भोजन और खरीदे स्थानीय उत्पाद
nidhi
9 Oct 2026 7:30 AM IST

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राष्ट्रपति मुर्मु ने बच्चों को बांटी चॉकलेट
मनाली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का तीन दिवसीय हिमाचल प्रदेश दौरा राज्य की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय हस्तशिल्प के प्रति उनके विशेष लगाव के कारण चर्चा में रहा। राष्ट्रपति ने मनाली प्रवास के दौरान न केवल हिमाचली व्यंजनों का स्वाद लिया, बल्कि स्थानीय लोगों से मुलाकात की और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। उन्होंने मनाली के प्रसिद्ध माल रोड पर खरीदारी करते हुए कुल्लवी शॉल, सी बकथॉर्न ऑयल और अन्य स्थानीय उत्पाद खरीदे। इस दौरान राष्ट्रपति ने हिमाचली पहनावे और यहां की परंपराओं के बारे में भी जानकारी ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थीं। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने लाहौल-स्पीति में अटल टनल रोहतांग का दौरा किया। मनाली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति ने स्थानीय संस्कृति और लोगों की जीवनशैली में विशेष रुचि दिखाई। बुधवार को अटल टनल रोहतांग के दौरे के दौरान लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने पारंपरिक लाहुली परिधान चोलू पहनकर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने इस खास पोशाक के बारे में जानकारी ली और विधायक के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस अवसर पर स्थानीय परंपराओं और पहनावे की विशेषताओं से उन्हें अवगत कराया गया।
राष्ट्रपति के भोजन में भी स्थानीय व्यंजनों को विशेष स्थान दिया गया। उन्होंने कुट्टू के आटे के पराठे, काउनी, ओघला और बेसा का सूप, बाथू की खीर, कच्चे पपीते और खुमानी से तैयार मीठे व्यंजनों का स्वाद लिया। इसके अलावा गुच्छी, रागी का सूप और लाल चावल भी उनके भोजन में शामिल रहे। हिमाचल के इन पारंपरिक व्यंजनों के जरिए उन्हें क्षेत्र की खानपान संस्कृति से परिचित कराया गया।
राष्ट्रपति ने मनाली के प्रसिद्ध माल रोड पर भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानों में उपलब्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को देखा। भुट्टिको वीवर्स से उन्होंने कुल्लवी शॉल और अन्य सामान खरीदा। इसके अलावा तिब्बत इंपोरियम से सी बकथॉर्न उत्पाद, तिब्बती हर्बल पेन ऑयल और कुछ अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। सी बकथॉर्न हिमालय के ठंडे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक कांटेदार झाड़ीनुमा पौधा है। इसके फलों और बीजों से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में यह पौधा पाया जाता है। राष्ट्रपति की खरीदारी में इससे जुड़े उत्पादों का शामिल होना भी चर्चा का विषय रहा।
माल रोड पर भ्रमण के दौरान राष्ट्रपति का बच्चों के प्रति स्नेह भी देखने को मिला। सड़क किनारे मौजूद बच्चों और उनके अभिभावकों ने राष्ट्रपति का अभिवादन किया। राष्ट्रपति ने भी मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और बच्चों को चॉकलेट वितरित करवाई। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी बच्चों के लिए चॉकलेट लेकर चलते दिखाई दिए। इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मनाली स्थित प्रसिद्ध माता हिडिंबा मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। मंदिर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने स्थानीय परंपरा के अनुसार भांग के रेशों से बनी विशेष चप्पलें, जिन्हें पूलें कहा जाता है, पहनीं। मंदिर पहुंचने पर उनका हिमाचली रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया।
मंदिर के पुरोहित मेहर चंद ने राष्ट्रपति से विधिवत पूजा करवाई। इस दौरान मंदिर के पुजारी रमण शर्मा ने उन्हें मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने मंदिर की पैगोडा शैली की वास्तुकला और इससे जुड़ी प्राचीन परंपराओं के बारे में भी जाना। उनके साथ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मंडी की सांसद कंगना रनौत भी मौजूद रहीं।
अटल टनल दौरे के दौरान राष्ट्रपति से लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ भूमि से संबंधित लंबित मामलों को उठाया। इसके साथ ही वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में छूट देने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बताया कि किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी और भरमौर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ भूमि से जुड़े अनेक मामले लंबित हैं। इन मामलों के समाधान के लिए संबंधित प्रावधानों में राहत देने का अनुरोध किया गया।
राष्ट्रपति ने गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह मनाली का दौरा पूरा किया और सासे हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। उनके दौरे के दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा तथा यातायात की व्यवस्थाएं संभालीं। मनाली के एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने राष्ट्रपति के प्रवास के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों का आभार जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा सरकारी कार्यक्रमों के साथ हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव के लिए भी यादगार रहा। पारंपरिक भोजन, कुल्लवी शॉल की खरीदारी, माता हिडिंबा मंदिर में पूजा और बच्चों को चॉकलेट बांटने जैसे क्षण उनके मनाली प्रवास की खास झलकियां बन गए।
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