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उत्तर प्रदेश
जौहर ट्रस्ट पर बड़ा एक्शन 500 करोड़ से अधिक की रकम वसूलने की तैयारी
nidhi
16 Sept 2026 9:46 AM IST

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जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां तथा उनके परिवार से जुड़े मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रस्ट का आयकर पंजीकरण रद्द किए जाने के बाद अब आयकर विभाग ने टैक्स, जुर्माना और ब्याज की वसूली की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विभाग की जांच में करीब 450 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय का मामला सामने आया है और कुल वसूली 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए मामला नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय को भेजा है और अनुमति मांगी गई है। ऐसे में 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को अभी अंतिम वसूली आदेश के बजाय विभाग की प्रस्तावित कार्रवाई के तौर पर देखना उचित होगा।
आयकर विभाग की जांच में जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों में वित्तीय अनियमितताओं, कथित तौर पर फर्जी लोगों को ट्रस्टी बनाने, चंदे के स्रोत और जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल से संबंधित आरोपों का उल्लेख है। इन्हीं मामलों के आधार पर ट्रस्ट के आयकर पंजीकरण को रद्द किए जाने की बात कही गई है।
बताया गया है कि आयकर विभाग ने ट्रस्ट को कई बार नोटिस जारी कर दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक विभाग का दावा है कि ट्रस्ट के पदाधिकारी करोड़ों रुपये की आय के स्रोत को लेकर संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद कथित अघोषित आय पर टैक्स के साथ जुर्माना और ब्याज वसूलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
मीडिया रिपोर्ट में करीब 450 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय पर 30 प्रतिशत जुर्माने और ब्याज का भी उल्लेख है। इन्हीं देनदारियों को जोड़ने पर कुल वसूली की रकम 500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि अंतिम रकम विभागीय प्रक्रिया और आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल भी जारी है। जिन इमारतों के निर्माण में सरकारी विभागों के धन के इस्तेमाल का आरोप है, वे भी जांच के दायरे में बताई गई हैं।
जौहर ट्रस्ट से संबंधित एक अन्य मामला भी कानूनी प्रक्रिया में है। जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित करने और ध्वस्तीकरण का आदेश देने के खिलाफ ट्रस्ट ने अपील दायर की है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित की गई है।
फिलहाल आयकर विभाग की प्रस्तावित वसूली और ED की जांच के कारण जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामले एक बार फिर चर्चा में हैं। अंतिम देनदारी और आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के औपचारिक आदेशों तथा जारी कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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