उत्तर प्रदेश

Lucknow: योगी सरकार संवार रही 37 हजार वंचित बच्चों का भविष्य

Admindelhi1
19 Jun 2025 9:02 AM IST
Lucknow: योगी सरकार संवार रही 37 हजार वंचित बच्चों का भविष्य
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"हर जिले में उभर रहे हैं अवसर के नए केंद्र"

लखनऊ: योगी सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समावेश और समता का एक सफल मॉडल बनकर उभरे हैं। गरीब, वंचित और ग्रामीण परिवेश के मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और पूरी तरह नि:शुल्क आवासीय शिक्षा देने वाली इस योजना के तहत लाभान्वित बच्चों की संख्या में वर्ष दर वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2018-19 में जहां मात्र 32,429 बच्चे इस योजना के तहत पढ़ाई कर रहे थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर करीब 37,000 तक पहुंच गई है।

यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार की दूरदर्शी सोच और संकल्प की सफलता की कहानी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि बीते सात वर्षों में करीब 4,571 छात्रों की बढ़ोतरी यह दशार्ती है कि सरकार गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्ष 2018-19 तक प्रदेश के 58 जिलों में 100 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे। 2025 तक यह संख्या बढ़कर 109 विद्यालयों तक पहुंच गई है, जो अब 62 जिलों में कार्यरत हैं। समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने बाताया कि इस वर्ष मथुरा, बलिया, पीलीभीत, गोंडा, कानपुर देहात, अमरोहा, महाराजगंज, अंबेडकरनगर और मैनपुरी जिलों में 9 नए सर्वोदय विद्यालय खोले गए हैं।

लगभग 2000 नए छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधा का लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, टैबलेट, एयरोमॉडलिंग, अक कार्यशालाएं,निगरानी और अन्य नवीनतम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भोजन, यूनिफॉर्म, पाठ्य सामग्री से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग तक की संपूर्ण व्यवस्था छात्रों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक है। इन विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया भी सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर बनाई गई है। 60 फीसदी सीटें अनुसूचित जाति/जनजाति, 25फीसदी पिछड़े वर्ग और 15 फीसदी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिससे हर तबके को समान अवसर मिल सके।

साथ ही, 85 फीसदी छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से चयनित किए जाते हैं। इससे गांवों के होनहारों को भी आगे बढ़ने का मंच मिलता है। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में आए नीट (यूजी) के परिणाम में मीरजापुर के मड़िहान स्थित सर्वोदय विद्यालय की 25 में से 12 छात्राओं ने सफलता हासिल की है। ये सभी छात्राएं पिछड़े व अनूसूचित जाति, जनजाति वर्ग से हैं।

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