उत्तर प्रदेश

तेंदुए का आतंक, दो बछड़ों का किया शिकार, बाघ की आशंका से भी दहशत

Gulabi Jagat
30 Aug 2026 9:56 PM IST
तेंदुए का आतंक, दो बछड़ों का किया शिकार, बाघ की आशंका से भी दहशत
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मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से लोगों में दहशत का माहौल है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के वंदे वाली मढ़ैयों और बहापुर बलिया गांव के जंगलों में दो बछड़ों के अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई है। वहीं बलिया और आसपास के इलाकों में बाघ की मौजूदगी की चर्चाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि वन विभाग ने अभी क्षेत्र में बाघ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

रविवार को वंदे वाली मढ़ैयों गांव में भोजराज सिंह पाल के खेत में ग्रामीणों को एक बछड़े के अवशेष मिले। घटनास्थल के आसपास खून के निशान और बछड़े के शरीर का बड़ा हिस्सा गायब मिलने के बाद तेंदुए के हमले की आशंका जताई गई।

दो बछड़ों के शिकार से ग्रामीणों में दहशत

बहापुर बलिया गांव से कुछ दूरी पर जंगल में भी एक छुट्टा बछड़ा मृत मिला। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार रात तेंदुए ने बछड़े का शिकार किया। विजेंद्र सिंह और रामफल सिंह के मुताबिक बछड़े के शरीर का काफी हिस्सा गायब था।

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच की। वनकर्मियों ने ग्रामीणों से जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने तथा विशेष रूप से सुबह और शाम के समय सतर्क रहने की अपील की है।

बैजनाथपुर में भी दिखा तेंदुआ

बैजनाथपुर गांव में निहाल सिंह के खेत के पास भी तेंदुआ दिखाई देने की बात सामने आई है। लगातार अलग-अलग स्थानों से तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं मिलने के बाद ग्रामीणों ने अकेले खेतों की तरफ जाना कम कर दिया है।

कई किसान अब समूह बनाकर खेतों में पहुंच रहे हैं। बच्चों को भी शाम के समय अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

तेंदुए के बीच अब बाघ की चर्चा

ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए के हमलों के बीच अब बाघ की मौजूदगी की आशंका भी जताई जा रही है। बलिया और आसपास के गांवों में ग्रामीणों की ओर से बाघ देखे जाने या उसकी गतिविधि की आशंका व्यक्त की गई है। इसके बाद वन विभाग की टीमें सतर्क हो गई हैं।

वन विभाग पगमार्क, कैमरा ट्रैप और अन्य साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इलाके में वास्तव में बाघ मौजूद है या ग्रामीणों ने किसी दूसरे वन्यजीव को बाघ समझ लिया है।

जगराज की मौत के बाद बढ़ा शक

बलिया गांव में जगराज सैनी को कथित तौर पर घर से खींचकर ले जाने और उनकी मौत की घटना के बाद हमलावर वन्यजीव की पहचान को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल बने हुए हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि हमला बाघ ने किया हो सकता है।

हालांकि वन विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि हमलों के पीछे कौन सा वन्यजीव है।

वन संरक्षक आदर्श कुमार के मुताबिक मंडल के जिलों की टीमें निगरानी में लगी हुई हैं। घटनाओं का अध्ययन किया जा रहा है और अन्य क्षेत्रों से भी वन्यजीव विशेषज्ञों तथा कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की प्रक्रिया तेज

ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की जान जाने की घटनाओं के बाद वन विभाग ने मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी है। विभाग इन घटनाओं के पीछे एक ही तेंदुआ होने की संभावना समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है।

रिपोर्ट के आधार पर संबंधित वन्यजीव को आदमखोर घोषित करने के संबंध में आगे का निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

अमरोहा में बाग में घूमता दिखा तेंदुआ

उधर अमरोहा के नौगावां सादात क्षेत्र के नौगावां तगा गांव में भी शनिवार रात एक तेंदुआ बाग में घूमता दिखाई देने का दावा किया गया। कुछ युवकों ने इसका वीडियो भी बनाया। डीएफओ राजीव कुमार के मुताबिक गांव में टीम भेजकर तेंदुए की मौजूदगी की जांच कराई जाएगी।

पीठखेड़ा, कांकरसराय, नौगावां सादात और मंडी धनौरा समेत कई क्षेत्रों से पहले भी तेंदुए की गतिविधियों की सूचनाएं सामने आ चुकी हैं।

तेंदुए के डर से खेतों पर नहीं जा रहे किसान

स्वार के सीतारामपुर और आसपास के जंगलों में भी तेंदुए की मौजूदगी की चर्चाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में फसल होने के बावजूद कई किसान अकेले जाने से बच रहे हैं। सुबह और शाम के समय ग्रामीण अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।

वन विभाग ने जंगल क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है और वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वन रेंजर ठाकुर विजय सिंह के मुताबिक तेंदुए को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हमले में बचे किसान के मन में बैठा डर

शुक्रवार शाम तेंदुए के कथित हमले में घायल किसान राकेश सैनी ने बताया कि घटना के बाद वह बेहद डरे हुए हैं। उनका कहना है कि इतने करीब से तेंदुए को देखने और हमले से बचने के बाद अब खेत में जाने से भी डर लग रहा है।

लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण ग्रामीण वन विभाग से गश्त बढ़ाने, कैमरा ट्रैप लगाने और हमलावर वन्यजीव को जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।

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