उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद में फिर तेंदुए की दस्तक, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची मजदूर की जान

Ratna Netam
5 Aug 2026 9:24 PM IST
मुरादाबाद में फिर तेंदुए की दस्तक, ग्रामीणों की सूझबूझ से बची मजदूर की जान
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मुरादाबाद : जनपद के डिलारी थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की दहशत ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को गांव मलकपुर में गन्ने के खेत में मजदूरी कर रहे एक श्रमिक पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से खेतों में काम कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल मजदूर की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद तेंदुआ शिकार को छोड़कर गन्ने के खेतों के रास्ते जंगल की ओर भाग निकला। गंभीर रूप से घायल मजदूर को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गांव मलकपुर निवासी बाबू मलिक मंगलवार को गांव के पास स्थित गन्ने के खेत में मजदूरी कर रहे थे। खेत में घने गन्ने के बीच पहले से छिपा बैठा तेंदुआ अचानक उन पर झपट पड़ा। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बाबू मलिक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेंदुए ने उन्हें घायल कर दिया, लेकिन उन्होंने साहस नहीं खोया और पूरी ताकत से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर मौके की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ शोर मचाते हुए तेंदुए को घेरने की कोशिश की। अचानक बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आता देख तेंदुआ घबरा गया और घायल बाबू मलिक को छोड़कर गन्ने के खेतों के रास्ते जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल घायल मजदूर को खेत से बाहर निकाला और नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि बाबू मलिक के शरीर पर तेंदुए के हमले के गहरे घाव हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
इस घटना ने पूरे मलकपुर और आसपास के गांवों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। लोग सुबह और शाम खेतों में जाने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को भी अकेले बाहर निकलने से रोका जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है, क्योंकि कोई भी अकेले खेत में जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहता।
ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यह कोई पहली घटना नहीं है। महज दो दिन पहले ही ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लालापुर पीपलसाना गांव में तेंदुए के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। अब मलकपुर में हुए हमले ने लोगों के डर को और बढ़ा दिया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि इलाके में लगातार तेंदुए की मौजूदगी की सूचना दी जा रही है, लेकिन विभाग की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जाए, पिंजरे लगाए जाएं और तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। उनका कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार तेंदुए के पगचिह्न और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, समूह में काम करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।
प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि सुबह और शाम के समय विशेष सतर्कता रखें तथा बच्चों को अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने दें। फिलहाल वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में अभियान चला रही है, जबकि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुए को पकड़कर इलाके को सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि वे बिना भय के अपने दैनिक कार्य कर सकें।
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