उत्तर प्रदेश

Kushinagar: लाइट कटने से 5 हजार छात्र गर्मी में परेशान

Admindelhi1
11 July 2025 7:30 PM IST
Kushinagar: लाइट कटने से 5 हजार छात्र गर्मी में परेशान
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कुशीनगर: कुशीनगर विद्युत विभाग इन दिनों अपने एक अजीबोगरीब फैसले को लेकर सुर्खियों में है। विभाग ने कुशीनगर जनपद के प्रतिष्ठित बुद्ध इंटर कॉलेज की बिजली काट दी है, क्योंकि कॉलेज पर 22 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। विद्युत विभाग की इस कार्रवाई के चलते उमस भरी गर्मी में कॉलेज में पढ़ने वाले लगभग 5 हजार छात्र और छात्राएं बेहाल हैं, लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।

कॉलेज प्रबंधन किस्तों में भुगतान को तैयार

कॉलेज प्रबंधन इतनी बड़ी रकम एक साथ जमा करने में अपनी असमर्थता जता रहा है और किस्तों में भुगतान करने की बात कह रहा है। प्रबंधन ने इस मद में 2 लाख रुपये जमा भी करा दिए हैं, लेकिन विद्युत विभाग पूरी रकम जमा होने के बाद ही बिजली सप्लाई बहाल करने की जिद पर अड़ा हुआ है। यह बकाया बिजली का बिल कोई नया नहीं, बल्कि लगभग 20 वर्षों से चला आ रहा है, जो इस पूरी स्थिति को और भी जटिल बनाता है।

प्रतिष्ठित बुद्ध इंटर कॉलेज की बदहाली पर आंसू

कुशीनगर जनपद के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में शुमार बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज की स्थापना 1934 में महान समाज सेवी बाबा राघव दासजी ने की थी। स्थापना के बाद से इस कॉलेज से पढ़कर कई होनहार छात्र-छात्राएं डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर बनकर देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कॉलेज की स्थापना के बाद से कई सारे प्रबंधक और प्रधानाचार्य बदल गए, लेकिन उनकी करनी का खामियाजा आज के छात्र-छात्राएं भुगतने को विवश हैं। छात्रों का उज्ज्वल भविष्य गढ़ने वाला यह कॉलेज आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

अनियोजित बिल भेजता है विभाग: प्रधानाचार्य का आरोप

कॉलेज के प्रधानाचार्य उमेश उपाध्याय ने विद्युत विभाग पर अनियोजित बिल भेजने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विद्युत विभाग कभी 1500 रुपये का बिल भेजता है, किसी महीने में 2 हजार और कभी यह बिल सीधे 1 लाख रुपये का आता है। प्रधानाचार्य ने विभाग से इस बिलिंग को सुधारने की भी अपील की है।

वहीं, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड कसया प्रदीप वर्मा ने अपनी बात दोहराते हुए कहा है कि बिजली बिल बकाए में कनेक्शन काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल जमा होने पर ही कनेक्शन जोड़ा जा सकता है। यह बिल पुराना है, और वे कभी इसे जमा नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक लाख रुपये बिजली का बिल जमा हुआ है, लेकिन वह ब्याज में ही चला गया है।

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