उत्तर प्रदेश

बिना लाइसेंस पालतू पशु रखना पड़ेगा महंगा

Ratna Netam
13 Aug 2026 2:18 PM IST
बिना लाइसेंस पालतू पशु रखना पड़ेगा महंगा
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुत्ता और बिल्ली पालने वाले लोगों के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। नगर निगम की पालतू पशु अनुज्ञप्ति, नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि 2025 का गजट जुलाई 2026 में प्रकाशित हो चुका है। वर्ष 2003 के बाद पहली बार पालतू पशुओं से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि अब कुत्तों के साथ बिल्लियों के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
अभी तक लखनऊ नगर निगम की सीमा में केवल पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस लेने की व्यवस्था लागू थी। नई उपविधि के तहत पहली बार बिल्लियों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र में रहने वाला कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस के कुत्ता या बिल्ली नहीं पाल सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पशु मालिक के खिलाफ जुर्माने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
अलग-अलग नस्लों के लिए तय हुआ शुल्क
नई व्यवस्था के अंतर्गत भारतीय यानी देसी नस्ल के कुत्ते का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है। विदेशी नस्ल के कुत्ते के लिए पशु मालिक को हर साल 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं, देसी या विदेशी किसी भी नस्ल की बिल्ली का लाइसेंस बनवाने के लिए सालाना 500 रुपये जमा करने होंगे।
नगर निगम की ओर से लाइसेंस बनवाने की सूचना दिए जाने के बाद भी यदि कोई पशु मालिक आवेदन नहीं करता है तो उससे प्रतिदिन 50 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में पालतू पशुओं का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना और उनके नियंत्रण एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करना है।
बिना लाइसेंस रखने पर भारी जुर्माना
नगर निगम की जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के कुत्ता पालता पाया गया तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना देसी और विदेशी दोनों नस्लों के कुत्तों पर समान रूप से लागू होगा। बिना लाइसेंस के बिल्ली रखने पर 1,000 रुपये का आर्थिक दंड देना पड़ेगा।
लगातार नियमों की अनदेखी करने पर अतिरिक्त जुर्माने के साथ पालतू पशु का लाइसेंस निरस्त करने या अन्य नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार भी नगर निगम के पास रहेगा।
मकान के क्षेत्रफल के आधार पर संख्या तय
नई उपविधि में मकान के क्षेत्रफल के अनुसार पालतू कुत्तों की अधिकतम संख्या भी निर्धारित की गई है। 200 वर्ग मीटर तक के मकान में अधिकतम दो कुत्ते रखने की अनुमति होगी। वहीं, 300 वर्ग मीटर तक के मकान में अधिकतम चार कुत्ते रखे जा सकेंगे।
यदि कोई व्यक्ति निर्धारित संख्या से अधिक कुत्ते रखना चाहता है तो उसे अतिरिक्त पशुओं को मान्यता प्राप्त शेल्टर होम में रखना होगा। नगर निगम का मानना है कि सीमित स्थान पर ज्यादा पशु रखने से आसपास के लोगों को परेशानी होने के साथ उनकी देखभाल और स्वच्छता भी प्रभावित होती है।
सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ने पर रोक
नई उपविधि के अनुसार पालतू पशुओं को सड़क, पार्क या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर खुला छोड़ना प्रतिबंधित रहेगा। पशु मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका पालतू पशु किसी व्यक्ति पर हमला न करे और सार्वजनिक स्थान पर गंदगी न फैलाए। पशुओं की सुरक्षा, नियंत्रण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की जिम्मेदारी पूरी तरह मालिक की होगी।
नगर निगम का यह कदम पालतू पशुओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने और पशुओं से जुड़ी शिकायतों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई उपविधि लागू होने के बाद अधिकारियों को नियमों का पालन कराने और बिना लाइसेंस पालतू पशु रखने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है।
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