उत्तर प्रदेश

रामपुर संभल के कांवड़िए भिड़े हाईवे पर जमकर चले डंडे

Ratna Netam
11 Aug 2026 8:21 PM IST
रामपुर संभल के कांवड़िए भिड़े हाईवे पर जमकर चले डंडे
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उत्तर प्रदेश : बिजनौर में कांवड़ यात्रा के दौरान सोमवार देर रात हाईवे पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब वाहन को आगे निकालने को लेकर रामपुर और संभल के कांवड़ियों के दो गुट आमने-सामने आ गए। विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों के कांवड़ियों ने एक-दूसरे को तलाशकर हमला किया। हाईवे पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना फोरलेन हाईवे पर राजपूताना रिसॉर्ट के सामने की बताई जा रही है। सोमवार देर रात रामपुर और संभल से आए कांवड़ियों के बीच वाहनों को आगे निकालने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। शुरुआती विवाद कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कांवड़ियों के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही, जिससे हाईवे पर आने-जाने वाले लोगों में भी अफरातफरी का माहौल बन गया।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो में कांवड़ियों के दो गुटों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों के लोगों को अलग किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद विवाद शांत हुआ।
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में डाक कांवड़िये सड़कों पर मौजूद रहे। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की ओर से हाईवे तथा प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद बिजनौर में वाहन आगे निकालने को लेकर कांवड़ियों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी है।
उधर, बागपत के ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर में शिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे। मंगलवार तड़के विधि-विधान के साथ झंडा पूजन किया गया। मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच झंडे का पूजन कराया। करीब एक घंटे तक चले धार्मिक अनुष्ठान के बाद सुबह 4:54 बजे मंदिर पर झंडारोहण किया गया। झंडारोहण होते ही मुख्य जलाभिषेक शुरू हो गया।
मुख्य जलाभिषेक शुरू होते ही मंदिर परिसर में मौजूद कांवड़ियों और शिवभक्तों में उत्साह देखने को मिला। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। हरिद्वार और अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इसी बीच मुजफ्फरनगर में भी कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पुलिस ने सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई। मंगलवार दोपहर शिवचौक पर बड़ी संख्या में डाक कांवड़िये पहुंचे। इनमें कुछ कांवड़ियों के हाथों में लाठी-डंडे और फरसे देखकर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कांवड़ियों से डंडे और फरसे जब्त कर लिए। पुलिस की कार्रवाई करीब आधे घंटे तक चली और दर्जनों डंडे तथा फरसे बरामद किए गए।
मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली पुलिस के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए हथियारनुमा वस्तुओं को लेकर चल रहे कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुछ कांवड़िये पुलिस को चकमा देकर आगे निकलने में सफल रहे। डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शिवचौक समेत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती रही। बिजनौर में दो गुटों के बीच मारपीट और मुजफ्फरनगर में डंडे-फरसे जब्त किए जाने की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा के अंतिम चरण में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित तरीके से जारी रहे।
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