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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. वीके सिंह ने जिले के सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश 12 अगस्त तक निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और सभी विभागों को पूरी क्षमता के साथ कार्य करना होगा।
डीएम डॉ. वीके सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी 12 अगस्त तक अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे। इस अवधि में किसी भी प्रकार का सामान्य अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जिले से गुजरने की संभावना रहती है, ऐसे में विभिन्न विभागों की सक्रिय भूमिका आवश्यक होगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी राजपत्रित अधिकारी को अत्यंत आवश्यक या विशेष परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता पड़ती है, तो उन्हें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के माध्यम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। अनुमति मिलने के बाद इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी कार्यालय को भी देनी होगी। बिना पूर्व अनुमति के कोई भी राजपत्रित अधिकारी अवकाश पर नहीं जा सकेगा।
इसी प्रकार अन्य विभागीय कर्मचारियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी कर्मचारी को अपरिहार्य परिस्थितियों में अवकाश लेना आवश्यक हो, तो उसे अपने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। साथ ही अवकाश की सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, अग्निशमन, नगर निकाय, लोक निर्माण, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक होगी। इसी कारण सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवकाश निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ से बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम डॉ. वीके सिंह ने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को दी जाए। यदि कहीं अवरोध, जलभराव, विद्युत आपूर्ति में बाधा, सफाई संबंधी समस्या या अन्य कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को लगातार फील्ड में सक्रिय रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति का समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही नियंत्रण कक्ष और संबंधित विभागों के बीच सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने मोबाइल फोन हर समय चालू रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध हों।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अवहेलना की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ प्रशासन पहले से ही विभिन्न स्तरों पर तैयारियों में जुटा हुआ है। यात्रा मार्गों का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, यातायात प्रबंधन की योजना और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और यात्रा के दौरान आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो।
प्रशासन को उम्मीद है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश रद्द करने का निर्णय लिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक विभाग तत्काल अपनी जिम्मेदारी निभा सके।





