- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- उरई के चर्चित विजेंद्र...

उरई (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उरई में करीब तीन माह पहले हुए चर्चित विजेंद्र मोर अपहरण एवं हत्याकांड का गुरुवार को पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मामले के मुख्य आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना के रूप में हुई है। दोनों पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि इस मामले में अभी भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पिछले तीन महीनों से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। विजेंद्र मोर के अपहरण के बाद उनकी हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचना और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आखिरकार इनामी दंपति को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पूछताछ के दौरान आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने स्वीकार किया कि 4 मई की तड़के विजेंद्र मोर का अपहरण करने के कुछ ही समय बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे लगभग 20 घंटे तक शव को कार में लेकर इधर-उधर घूमते रहे ताकि किसी सुरक्षित स्थान पर उसे ठिकाने लगाया जा सके और पुलिस को घटना की भनक न लगे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूरी वारदात की योजना पहले से तैयार कर रखी थी। अपहरण के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं और उन्होंने विजेंद्र मोर की हत्या कर दी। इसके बाद शव को छिपाने और सबूत मिटाने के लिए लगातार स्थान बदलते रहे। इस दौरान उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि किसी को उन पर शक न हो, लेकिन पुलिस की जांच और तकनीकी निगरानी ने आखिरकार उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचा दिया।
जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में अभी भी तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी भूमिका भी वारदात में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के सामने रखा जाएगा।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान घटनास्थल, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल फोन की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांच की कड़ियां जुड़ती चली गईं और अंततः मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। पूछताछ में मिले बयानों का भी अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है ताकि आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार की जा सके।
इस हत्याकांड के खुलासे के बाद क्षेत्र में एक बार फिर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था और लोग लंबे समय से आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे थे। इनामी दंपति की गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है, हालांकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी लोगों की निगाहें पुलिस पर टिकी हुई हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और विभिन्न जिलों में दबिश दी जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वारदात के पीछे क्या कारण थे और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या रही।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार दंपति से आगे की पूछताछ जारी है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त वाहन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई तेज की जाएगी और सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में ठोस साक्ष्यों के साथ अभियोजन चलाया जाएगा।
करीब तीन महीने पुराने इस चर्चित अपहरण-हत्याकांड के खुलासे को पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई और अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।





