उत्तर प्रदेश

कानपुर बुर्का कांड: प्रेम प्रसंग में फंसा युवक, चचेरी ननद ने रची लूट की साजिश

Saba Naaz
27 July 2026 3:23 PM IST
कानपुर बुर्का कांड: प्रेम प्रसंग में फंसा युवक, चचेरी ननद ने रची लूट की साजिश
x

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए बुर्का कांड ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। प्रेम प्रसंग के चक्कर में एक युवक ऐसी साजिश में फंस गया, जिसमें उसे बुर्का पहनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने भेज दिया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरी घटना के पीछे एक महिला की साजिश थी, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी।चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर में प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी के घर बुर्का पहनकर लूट की कोशिश का मामला पुलिस जांच में एक सनसनीखेज प्रेम कहानी और साजिश में बदल गया है। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़िता की चचेरी ननद ने ही पूरी योजना तैयार की थी। उसने अपने प्रेमी और उसके नाबालिग भाई को बुर्का पहनाकर घर में लूट के लिए भेजा था। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, श्यामनगर ई-ब्लॉक निवासी प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी राजेंद्र दधिचि के घर शनिवार को दिनदहाड़े दो युवक बुर्का पहनकर पहुंचे थे। दोनों ने घर में घुसकर वृद्धा राधा और उनकी बहू शैली के साथ मारपीट की और लूट का प्रयास किया। आरोपितों ने हमला करने के लिए लोहे की रॉड का भी इस्तेमाल किया। बहू शैली के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और भाग रहे दोनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।

मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ की तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में 21 वर्षीय प्रांजल सिंह उर्फ वरुण सिंह और उसका 17 वर्षीय नाबालिग भाई शामिल है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि श्यामनगर की रहने वाली श्यामिका ने ही लूट की योजना बनाई थी।

जांच में सामने आया कि प्रांजल पहले श्यामिका के घर किराये पर रहता था। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में उनका प्रेम संबंध बन गया। प्रांजल वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि उसका छोटा भाई इंटरमीडिएट का छात्र है। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक परेशानी के चलते दोनों ने गलत रास्ता अपनाया।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि करीब डेढ़ महीने पहले प्रांजल और श्यामिका ने मिलकर चाय का ठेला शुरू किया था, लेकिन कारोबार में नुकसान होने के कारण उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद दोनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसी दौरान श्यामिका ने अपने ताऊ के घर लूट की योजना बनाई और प्रांजल को इसमें शामिल कर लिया।

साजिश के तहत पहचान छिपाने के लिए दोनों युवकों को बुर्का पहनाकर भेजा गया था। पुलिस के अनुसार, बुर्का पहनने की सलाह भी श्यामिका ने ही दी थी ताकि वारदात के दौरान उनकी पहचान सामने न आ सके। हालांकि, घटना के बाद स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण दोनों युवक मौके से भाग नहीं सके और पकड़े गए।

पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर श्यामिका, प्रांजल और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इस घटना ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। लोगों का कहना है कि रिश्तों और भरोसे का फायदा उठाकर इस तरह की वारदात को अंजाम देने की कोशिश बेहद गंभीर मामला है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की आपराधिक साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानपुर पुलिस का कहना है कि इस मामले में समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी घटना टल गई। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपितों ने इससे पहले भी किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है।

Next Story