उत्तर प्रदेश

भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, आज यूपी के 40 से अधिक जिलों में बारिश

Ratna Netam
27 July 2026 3:18 PM IST
भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, आज यूपी के 40 से अधिक जिलों में बारिश
x

मेरठ : भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आने की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) के प्रभाव से मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ भारी से मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

रविवार को मेरठ में सुबह से ही तेज धूप निकली, जिससे दिन चढ़ने के साथ गर्मी और उमस दोनों बढ़ गईं। पूरे दिन लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान रहे। हालात ऐसे रहे कि पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हुए। देर रात तक उमस बनी रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा था। तापमान में बढ़ोतरी के साथ हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस का असर भी काफी ज्यादा महसूस किया गया।

मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर भारत के मौसम पर असर पड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक मेरठ और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने के संकेत हैं।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 28 से 31 जुलाई के बीच होने वाली संभावित बारिश पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक लगाने का काम करेगी। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिल सकती है।

इस बार जुलाई महीने में मेरठ में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। अब तक जिले में 491.7 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले डेढ़ दशक के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गया है। वर्ष 2018 में जुलाई के दौरान मेरठ में 544.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो पिछले 15 वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, इस रिकॉर्ड को टूटने के लिए सिर्फ 52.7 मिलीमीटर और बारिश की जरूरत है। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की संभावना को देखते हुए माना जा रहा है कि यदि अनुमान सही साबित हुआ तो इस वर्ष जुलाई में बारिश का नया रिकॉर्ड बन सकता है।

बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी वर्षा के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है।

यदि अगले कुछ दिनों तक अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो न केवल लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, बल्कि खेती-किसानी और जलस्तर के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है।

Next Story