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दून वैली स्कूल में अंतरराष्ट्रीय संवाद, घाना प्रतिनिधि ने छात्रों को किया प्रेरित

देवबंद (सहारनपुर) : दून वैली पब्लिक स्कूल देवबंद में शुक्रवार को पश्चिमी अफ्रीकी देश घाना के प्रथम सचिव (व्यापार, संस्कृति एवं पर्यटन) कॉनराड नाना कोजो एसिद्दयू का गरिमामय स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में घाना के प्रतिनिधि ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें घाना की संस्कृति, परंपराओं, पर्यटन तथा व्यापारिक संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने और विभिन्न देशों की संस्कृति को समझने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि कॉनराड नाना कोजो एसिद्दयू और विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथि का स्वागत किया।
अपने संबोधन में घाना के प्रथम सचिव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों की भाषा, संस्कृति और परंपराएं मानव समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान से देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और मित्रता के संबंध मजबूत होते हैं।
उन्होंने हिंदी भाषी नहीं होने के बावजूद अपने संबोधन की शुरुआत "नमस्ते" और "धन्यवाद" जैसे हिंदी शब्दों से की, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है और युवाओं को विभिन्न देशों की सभ्यताओं को जानने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और घाना के प्रतिनिधि के बीच संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें छात्रों ने घाना की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था, पर्यटन और व्यापार से जुड़े कई सवाल पूछे। अतिथि ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें नई चीजें सीखने और दुनिया के प्रति जिज्ञासु बने रहने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने घाना की भाषा में भाषण प्रस्तुत किया और स्वागत गीत के माध्यम से अतिथि का अभिनंदन किया। छात्रों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि और विद्यालय प्रबंधन की ओर से संयुक्त रूप से वृक्षारोपण भी किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य और सतत विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
विद्यालय के चेयरमैन राजकिशोर गुप्ता ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान का विस्तार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को विश्व समुदाय से जोड़ना और उनमें वैश्विक सोच विकसित करना भी है।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा ने घाना के प्रथम सचिव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि घाना जैसे समृद्ध सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत वाले देश के प्रतिनिधि का विद्यालय में आगमन सभी के लिए गौरव का विषय है। उनके अनुभवों और प्रेरणादायी विचारों से विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी और उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोच विकसित होगी।
इस अवसर पर विद्यालय की क्वालिटी डायरेक्टर श्रीमती अर्चना शर्मा, उप-प्रधानाचार्या श्रीमती तनुज कपिल, हरदीप सिंह सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विभिन्न संस्कृतियों को समझने और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दी।





