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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' (MIDH) के तहत किसानों को बागवानी, नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज और फसल प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल, फूल, सब्जी और अन्य आधुनिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी में वृद्धि की जा सकती है और उन्हें खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
योजना के तहत किसानों को हाईटेक नर्सरी, पौधशाला और उन्नत तकनीक से खेती करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। छोटी पौधशालाओं की स्थापना पर किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं बड़ी पौधशालाओं, टिश्यू कल्चर लैब और हाईटेक नर्सरी के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सरकार केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि किसानों को विदेशी और अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत केला, आम, करौंदा, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी एक्जॉटिक फसलों के नए बाग लगाने पर भी किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा संकर सब्जियों, फूलों और मसाला फसलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गेंदा, ग्लैडियोलस जैसे फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी योजना के माध्यम से लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसान कम जमीन में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों को अपनाएं और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। योजना में छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को कई गतिविधियों में 75 प्रतिशत तक विशेष अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। इससे छोटे किसानों को आधुनिक खेती अपनाने में मदद मिलेगी।
सरकार कटाई के बाद फसलों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दे रही है। इसके लिए कोल्ड स्टोरेज, भंडारण और अन्य सुविधाओं को विकसित करने पर सहायता दी जा रही है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और वे मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने से बच सकेंगे। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बागवानी क्षेत्र में निवेश से किसानों को सालभर आय के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। फल, सब्जी और फूलों की खेती में बाजार की मांग अधिक होने के कारण किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में ज्यादा लाभ मिलने की संभावना रहती है।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में बागवानी का क्षेत्र बढ़े और किसान आधुनिक तकनीक के साथ खेती करें। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। इस योजना से प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि बागवानी, नर्सरी और कृषि आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकेगा।





