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देशभक्ति और आस्था का उल्लंघन करने वालों के लिए भारत "धर्मशाला नहीं": CM योगी

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भारत विरोधी गतिविधियों और देश की आस्था व परंपराओं का अपमान करने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश उन लोगों के लिए "धर्मशाला" नहीं हो सकता, जिनकी देश में कोई आस्था नहीं है या जो हमारी परंपराओं का सम्मान नहीं करते।
यह बयान मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह में दिया। यह महोत्सव जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा नौ दिन तक सुनाई गई कथा के रूप में आयोजित किया गया था। समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार की हिंसा, धार्मिक उन्माद या भूमि और महिलाओं के अधिकारों के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और कानून के तहत तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था और परंपराओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है, लेकिन किसी भी धर्म या समुदाय का अपमान करना, लोगों को डराना या उनका शोषण करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि वे ऐसी गतिविधियों पर नजर रखें और समय रहते प्रभावी कदम उठाएं।
जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 9, 2026
उन लोगों के लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती है... pic.twitter.com/wl5aEuRYq7
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत अपनी आस्था, संस्कृति और परंपराओं के प्रति गर्व महसूस करता है और देश की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे अपने समुदायों में शांति और भाईचारे को बनाए रखने में मदद करें और किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों की सूचना स्थानीय प्रशासन या पुलिस को दें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज में नैतिक मूल्यों और धार्मिक अनुशासन को बनाए रखने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में चेतना और समझ बढ़ती है और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
समारोह में मौजूद श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के संदेश को स्वागत योग्य बताया और कहा कि यह समय की मांग है कि देशभक्ति, आस्था और परंपराओं का सम्मान सभी नागरिकों के बीच बने रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में धार्मिक और सामाजिक समरसता बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को सतर्क रहने और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस तरह, लखनऊ में श्री राम कथा महोत्सव के समापन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश में आस्था और परंपराओं के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून अपने पूरे कड़ा रूप में लागू होगा।





