उत्तर प्रदेश

मच्छरों से बचाव के लिए निजी स्कूलों में बढ़ी सतर्कता, दिन में दो बार कराया जा रहा स्प्रे

Kavita2
25 Aug 2026 5:32 PM IST
मच्छरों से बचाव के लिए निजी स्कूलों में बढ़ी सतर्कता, दिन में दो बार कराया जा रहा स्प्रे
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मुरादाबाद। बारिश के मौसम में मच्छरों की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाले संक्रमण के खतरे को देखते हुए शहर के निजी स्कूलों ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विद्यार्थियों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए स्कूल परिसरों में साफ-सफाई के साथ नियमित रूप से मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। कक्षाओं के अलावा परिसर के उन हिस्सों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां बारिश के बाद पानी जमा होने की आशंका रहती है।

कंपनी बाग स्थित केसीएम स्कूल में मंगलवार को विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद कक्षाओं में मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह प्रक्रिया नियमित रूप से की जा रही है। बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण स्कूल प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।

दिन में दो बार कक्षाओं में कराया जा रहा स्प्रे

स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं में दिन में दो बार मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। एक बार स्कूल शुरू होने से पहले और दूसरी बार विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद कक्षाओं में स्प्रे कराया जाता है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की मौजूदगी के दौरान दवा का छिड़काव न हो, इसका भी ध्यान रखा जाता है। छुट्टी के बाद कक्षाओं को खाली कराने के पश्चात ही स्प्रे कराया जाता है, ताकि सुरक्षा संबंधी किसी तरह की परेशानी न हो।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में केवल दवा का छिड़काव ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।

जलभराव रोकने पर जोर

स्कूल प्रशासन की ओर से परिसर में जलभराव की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के बाद कहीं पानी जमा न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण कराया जा रहा है। मच्छरों के पनपने के लिए रुका हुआ पानी अनुकूल वातावरण माना जाता है। इसलिए स्कूल परिसर में पानी जमा होने वाले संभावित स्थानों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रबंधन का उद्देश्य स्कूल के आसपास ऐसा वातावरण बनाए रखना है, जहां मच्छरों को पनपने का अवसर न मिले। कक्षाओं, गलियारों, मैदान और अन्य हिस्सों की नियमित सफाई कराई जा रही है।

विद्यार्थियों को भी किया जा रहा जागरूक

स्कूल प्रबंधन ने केवल परिसर की सफाई तक अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी है। विद्यार्थियों को भी मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्हें पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की जानकारी दी जा रही है।

स्कूल प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने से वे स्कूल के साथ-साथ अपने घर और आसपास के वातावरण में भी सावधानी बरत सकते हैं। इससे मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती है चुनौती

मानसून के दौरान बारिश और नमी के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। शहरों में जलभराव और खुले स्थानों पर जमा पानी समस्या को और बढ़ा सकता है। स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे एक साथ मौजूद रहते हैं, इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है।

इसी को देखते हुए निजी स्कूलों ने भी अपनी दैनिक व्यवस्थाओं में मच्छररोधी उपायों को शामिल करना शुरू कर दिया है। स्कूलों में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और जलभराव रोकने जैसे कदमों पर ध्यान दिया जा रहा है।

स्कूल खुलने से पहले और छुट्टी के बाद निगरानी

केसीएम स्कूल में स्कूल खुलने से पहले कक्षाओं का निरीक्षण और आवश्यकतानुसार स्प्रे कराया जाता है। वहीं विद्यार्थियों की छुट्टी के बाद दोबारा कक्षाओं में मच्छररोधी दवा का छिड़काव किया जाता है। इस व्यवस्था से स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि विद्यार्थियों के आने के समय कक्षाएं साफ और सुरक्षित रहें।

प्रधानाचार्य अनिल कुमार के अनुसार, बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। इसलिए नियमित सफाई और छिड़काव के साथ स्कूल के विभिन्न हिस्सों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

संक्रमण से बचाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

मच्छरों से होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए केवल स्कूल प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। घरों में कूलर, गमले, टंकियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देना जरूरी है। स्कूल प्रशासन भी विद्यार्थियों के माध्यम से इस संदेश को परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

बारिश के मौसम में स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। नियमित सफाई और मच्छररोधी उपायों से स्कूल परिसर में मच्छरों की मौजूदगी को कम करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल केसीएम स्कूल में दिन में दो बार स्प्रे, नियमित सफाई और विद्यार्थियों को जागरूक करने की व्यवस्था लागू की गई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बारिश का मौसम समाप्त होने तक मच्छरों से बचाव के लिए एहतियाती कदम जारी रखे जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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