उत्तर प्रदेश

Gonda, में बृज भूषण सिंह ने कहा हनुमानगढ़ी पर नहीं हुई नमाज

Ratna Netam
17 July 2026 6:51 PM IST
Gonda,  में बृज भूषण सिंह ने कहा हनुमानगढ़ी पर नहीं हुई नमाज
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Gonda गोंडा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में 2003 की एक घटना का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जो लोग अब धर्म और आस्था की बात करते हैं, उन्हीं के शासनकाल में अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। सीएम योगी ने इस मामले को लेकर विपक्ष से माफी मांगने की मांग की थी।

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री के इस बयान को गलत बताया है। गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं है।

बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल को लेकर तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर ही बात होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में बयान देने से पहले पूरी जानकारी और तथ्यों की जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में वर्ष 2003 की घटना का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि उस समय कुछ लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला काम किया और अब वही लोग धर्म और संस्कृति की रक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर विपक्षी दलों से माफी मांगने की मांग की थी।

सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने जहां मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया, वहीं विपक्ष की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी बीच भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह की अलग राय सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है।

बृज भूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह कई बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और क्षेत्रीय राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने बयान के जरिए इस मुद्दे पर अलग तथ्य रखने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक मामलों को लेकर बयान देते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी घटना को लेकर अगर तथ्य स्पष्ट नहीं हैं तो उस पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने की बात सही नहीं है।

इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान और बृज भूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर बहस बढ़ सकती है। हालांकि, अभी तक इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं।

फिलहाल, गोंडा में दिए गए बृज भूषण शरण सिंह के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। उनके बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

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