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IAS दिव्या मित्तल का देवरिया में करीब दो साल का कार्यकाल रहा चर्चा में

देवरिया। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर एक बार फिर चर्चा में है। राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर रहते हुए उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
दिव्या मित्तल का देवरिया जिलाधिकारी के रूप में करीब दो वर्ष का कार्यकाल कई कारणों से सुर्खियों में रहा। उनके प्रशासनिक फैसले, जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का तरीका और सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी को लेकर उनकी कार्यशैली की लगातार चर्चा होती रही।
जुलाई 2024 में संभाली थी देवरिया की कमान
दिव्या मित्तल ने 14 जुलाई 2024 की देर शाम देवरिया के 68वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। जिलाधिकारी के तौर पर उनकी नियुक्ति के बाद उन्होंने जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और जनता से सीधे जुड़ने पर जोर दिया।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई विभागों की समीक्षा बैठकें कीं और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उनकी कार्यशैली को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों के बीच भी चर्चा रही।
फैसलों और संवाद शैली को लेकर रहीं चर्चा में
दिव्या मित्तल अपने स्पष्ट और सीधे संवाद के लिए जानी जाती थीं। देवरिया में कार्यकाल के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उनके संवाद को लेकर कई बार चर्चा हुई।
उन्होंने प्रशासनिक बैठकों में अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उनकी कार्यशैली में सख्ती और पारदर्शिता को लेकर समर्थकों और आलोचकों दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं।
सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी
जिलाधिकारी के रूप में दिव्या मित्तल की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी भी चर्चा का विषय रही।
उन्होंने जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी दिखाई देती रही।
उनकी यह शैली कई लोगों को अलग और प्रभावी लगी।
मई 2026 में हुआ था तबादला
करीब दो वर्ष तक देवरिया की जिलाधिकारी रहने के बाद छह मई 2026 को उनका तबादला कर दिया गया था।
उनके स्थान पर मधुसूदन हुल्गी को देवरिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया। तबादले के बाद दिव्या मित्तल को राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके बाद वह शासन स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही थीं।
इस्तीफे के बाद बढ़ी चर्चा
रविवार को विशेष सचिव पद पर रहते हुए दिव्या मित्तल के इस्तीफे की जानकारी सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशासनिक करियर और फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
लोग उनके देवरिया कार्यकाल को याद करते हुए उनकी कार्यशैली, फैसलों और प्रशासनिक अनुभव पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
शिक्षा और प्रशासनिक सफर रहा उल्लेखनीय
दिव्या मित्तल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा।
IAS अधिकारी के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न पदों पर काम किया और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
उनकी पहचान एक मेहनती और प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रही है।
देवरिया में छोड़ी अलग पहचान
देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल कई घटनाओं और फैसलों के कारण याद किया जा रहा है। करीब दो साल के इस कार्यकाल में उन्होंने प्रशासनिक सुधार, जनसुनवाई और योजनाओं की निगरानी पर जोर दिया।
उनके इस्तीफे के बाद अब एक बार फिर उनके देवरिया कार्यकाल की चर्चा तेज हो गई है।
दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सफर अब किस दिशा में आगे बढ़ेगा, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।





