उत्तर प्रदेश

पत्नी से विवाद के बाद पति ने खुद को लगाई आग

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 11:27 PM IST
पत्नी से विवाद के बाद पति ने खुद को लगाई आग
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में घरेलू विवाद के बाद एक ई-रिक्शा चालक द्वारा खुद को आग लगाने की गंभीर घटना सामने आई है। शाहपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले संतोष यादव ने पत्नी से कहासुनी के बाद कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। इस घटना में वह लगभग 70 प्रतिशत झुलस गया। सूचना मिलने पर शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद परिवार में अफरातफरी मच गई। पुलिस मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शाहपुर थाना क्षेत्र की है। संतोष यादव गोरखपुर में रहकर वाहन चलाने का काम करता है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम पत्नी के साथ किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया था। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद संतोष ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना के दौरान संतोष गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मदद के प्रयास शुरू किए और पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही शाहपुर थाने की टीम घटनास्थल पर पहुंची।पुलिस ने घायल संतोष की हालत देखकर तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उसे एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच की। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की आवश्यकता पड़ी।
इसके बाद संतोष को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की प्रगति के संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय बुलेटिन उपलब्ध नहीं है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संतोष मूल रूप से देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र का रहने वाला है। वह गोरखपुर के शाहपुर इलाके में परिवार के साथ रह रहा था। स्थानीय स्तर पर वाहन चलाकर परिवार की आजीविका से जुड़ा हुआ था।
बताया जा रहा है कि संतोष और उसकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से घरेलू विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले भी दोनों के बीच कहासुनी और मारपीट की शिकायत सामने आई थी। पत्नी की शिकायत के आधार पर संतोष के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी भी मिली है।हालांकि, पहले दर्ज मामले और सोमवार की घटना के बीच वास्तविक संबंध क्या है, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। किसी भी घरेलू विवाद को आत्मघाती कदम का एकमात्र कारण मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि ऐसी घटनाओं के पीछे कई व्यक्तिगत, सामाजिक और मानसिक परिस्थितियां हो सकती हैं।
एक स्थानीय रिपोर्ट में पत्नी के हवाले से दावा किया गया है कि संतोष शराब पीने के लिए पैसे मांगता था और इसी बात पर दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी पैसों को लेकर कहासुनी होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
घटना के बाद शाहपुर पुलिस ने परिवार के सदस्यों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटानी शुरू की है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां बनी थीं और विवाद किस कारण बढ़ा था।पुलिस के सामने फिलहाल दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। पहली, गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना और दूसरी, घटना से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करना।
करीब 70 प्रतिशत तक झुलसने की स्थिति चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत गंभीर हो सकती है। ऐसे मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल, संक्रमण से सुरक्षा और लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पड़ सकती है। मरीज की स्थिति का सही आकलन उपचार कर रहे चिकित्सक ही कर सकते हैं।
गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूर्वांचल के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां विभिन्न जिलों से गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। संतोष को भी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल से इसी संस्थान के नेहरू अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।घटना ने घरेलू संबंधों में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। पति-पत्नी के बीच विवाद कई कारणों से हो सकते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में
भावनात्मक
तनाव को समय रहते समझना और सहायता उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तनाव, निराशा या भावनात्मक संकट से गुजर रहे व्यक्ति को परिवार और समाज के सहयोग की जरूरत होती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को नुकसान पहुंचाने की बात करता है या इस तरह के संकेत देता है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए।ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उसकी बात ध्यान से सुनना और आवश्यकता पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लेना महत्वपूर्ण है।विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि घरेलू विवाद के दौरान गुस्से और तनाव में लिए गए फैसले गंभीर परिणाम पैदा कर सकते हैं। इसलिए पारिवारिक मतभेदों का समाधान बातचीत, परामर्श और कानूनी सहायता जैसे सुरक्षित माध्यमों से करने की आवश्यकता है।
यदि परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा हो और स्थिति लगातार बिगड़ रही हो, तो संबंधित लोगों को समय रहते मदद लेनी चाहिए। विशेष रूप से हिंसा, धमकी या स्वयं को नुकसान पहुंचाने की आशंका होने पर तत्काल सहायता लेना जरूरी है।संतोष यादव के मामले में पुलिस ने पहले से चले आ रहे घरेलू विवाद की जानकारी मिलने की बात कही है। हालांकि, घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।
इस घटना में पत्नी या परिवार के किसी अन्य सदस्य की भूमिका के बारे में बिना प्रमाण कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।गोरखपुर की इस घटना ने एक परिवार को गंभीर संकट में डाल दिया है। संतोष का इलाज चल रहा है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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