उत्तर प्रदेश

ट्रेन सुविधाओं और ओवरब्रिज के लिए हेमा मालिनी ने उठाई मांग

Ashish verma
9 Oct 2026 8:25 PM IST
ट्रेन सुविधाओं और ओवरब्रिज के लिए हेमा मालिनी ने उठाई मांग
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मथुरा। सांसद हेमा मालिनी ने मथुरा की रेल सेवाओं, स्टेशन सुविधाओं और सड़क यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए रेलवे के सामने एक दर्जन प्रस्ताव रखे हैं। इनमें मथुरा को अलीगढ़ से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने, दो रेलवे ओवरब्रिज बनाने और मथुरा जंक्शन पर नया फुट ओवरब्रिज तैयार करने की मांग शामिल है। सांसद ने ट्रेनों के ठहराव और विस्तार के साथ सफाई व्यवस्था, प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण तथा अंडरपास की चौड़ाई बढ़ाने के मुद्दे भी उठाए हैं। उन्होंने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर प्रस्तावों पर कार्रवाई और पुराने मामलों की प्रगति की जानकारी मांगी है।
मथुरा और अलीगढ़ के बीच रेल संपर्क का मुद्दा इन प्रस्तावों में प्रमुख है। सांसद ने मथुरा जंक्शन-हाथरस-कासगंज रेल लाइन को मेंडू से अलीगढ़ की ओर उत्तर मध्य रेलवे की लाइन से जोड़ने के प्रस्ताव की स्थिति पूछी है। उन्होंने जानना चाहा है कि इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई हुई है। प्रस्ताव लंबित होने की स्थिति में उसे संस्तुति के साथ रेलवे बोर्ड को भेजने की मांग की गई है। इस विषय पर सांसद ने केवल नई मांग रखने के बजाय पहले से मौजूद प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है।
शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर दो रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पहला प्रस्ताव स्टेट बैंक से धौलीप्याऊ की ओर रेलवे गेट संख्या 357 से संबंधित है। दूसरा धौलीप्याऊ से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर गेट संख्या 358 पर ओवरब्रिज निर्माण का है। सांसद ने बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए दोनों स्थानों पर काम कराने की जरूरत बताई है। इन मांगों में शहर के भीतर आवागमन और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच से जुड़े रास्तों को शामिल किया गया है। फिलहाल इन्हें रेलवे के समक्ष प्रस्ताव के रूप में रखा गया है।
मथुरा जंक्शन के अंदर यात्रियों की आवाजाही के लिए नया फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग भी की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, आगरा की ओर अंतिम छोर पर ऐसा फुट ओवरब्रिज बनाया जाए, जो प्लेटफार्म संख्या एक, दो, आठ, नौ और दस को आपस में जोड़े। स्टेशन परिसर के भीतर प्लेटफार्मों के बीच संपर्क सुधारने का यह सुझाव यात्री सुविधाओं से जुड़ा है। सांसद ने रेलवे को भेजे प्रस्तावों में स्टेशन के भीतर की व्यवस्था और स्टेशन के बाहर के रास्तों, दोनों पर ध्यान देने की बात रखी है।
ट्रेन सेवाओं के संबंध में हेमा मालिनी ने मथुरा जंक्शन पर गतिमान एक्सप्रेस का ठहराव कराने की मांग दोहराई है। यह विषय पहले की बैठक में भी उठाया जा चुका है। इसके अलावा आगरा कैंट से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन मथुरा जंक्शन तक करने का सुझाव दिया गया है। पत्र में ट्रेन संख्या 20175 और 20176 का उल्लेख है। इन मांगों का संबंध मौजूदा सेवाओं में मथुरा को शामिल करने से है। रेलवे से इनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
नए बस स्टैंड और भूतेश्वर अंडरपास की कम चौड़ाई का मुद्दा भी प्रस्तावों में शामिल है। सांसद ने इन स्थानों पर लगने वाले जाम को देखते हुए दोनों अंडरपास को चौड़ा करने की आवश्यकता बताई है। साथ ही मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के स्थान पर सड़क मार्ग बनाए जाने के पुराने प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। इस मामले में उन्होंने रेलवे से प्रगति का विवरण मांगा है। सड़क मार्ग संबंधी प्रस्ताव और अंडरपास चौड़ीकरण की मांग को शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग मुद्दों के रूप में उठाया गया है।
स्टेशनों की सफाई व्यवस्था को लेकर मथुरा जंक्शन, छाता, कोसी और गोवर्धन का उल्लेख किया गया है। सांसद ने इन स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। विशेष रूप से मथुरा जंक्शन की सफाई में सुधार के साथ मथुरा, कोसी और गोवर्धन स्टेशनों पर पर्याप्त कूड़ेदान उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रस्तावों में बड़ी निर्माण परियोजनाओं के साथ रोजमर्रा की यात्री सुविधाएं भी शामिल हैं। सफाई और कूड़ेदान उपलब्ध कराने की मांग स्टेशन परिसर की व्यवस्था से संबंधित है, जबकि पुल और अंडरपास के प्रस्ताव आवागमन से जुड़े हैं।
मथुरा जंक्शन के मुख्य प्रवेश द्वार के साथ द्वितीय और तृतीय प्रवेश द्वार के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी दोहराया गया है। इसके अलावा द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर गोपाल नगर की ओर नए बस स्टैंड से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने के लिए 30 मीटर चौड़े मार्ग की योजना का विवरण मांगा गया है। इस पुराने प्रस्ताव से संबंधित रेलवे भूमि की डीलिजिंग प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है। सांसद ने रेलवे को भेजे पत्र में प्रवेश मार्गों और स्टेशन के बाहर सड़क संपर्क की प्रगति स्पष्ट करने पर जोर दिया है।
सांसद के प्रस्तावों में रेल संपर्क, ट्रेन संचालन, प्लेटफार्मों के बीच आवागमन, सड़क जाम और स्टेशन सुविधाओं से जुड़े विषय एक साथ रखे गए हैं। कई मांगें पहले उठाए गए मुद्दों की प्रगति जानने से संबंधित हैं। उपलब्ध विवरण में इन सभी परियोजनाओं की मंजूरी, बजट या निर्माण शुरू होने की तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल रेलवे से आवश्यक कार्रवाई और लंबित प्रस्तावों की स्थिति बताने का आग्रह किया गया है। जनता से भी सुझाव मांगे गए हैं, ताकि रेल सेवाओं और स्थानीय यातायात से जुड़ी जरूरतों को सामने रखा जा सके।
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