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UP; में झमाझम बारिश की तैयारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मंगलवार 4 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे लंबे समय से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंच गई है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से उत्तर प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। इसी वजह से प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, प्रदेश में अब तक मानसून की बारिश सामान्य से कम रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से करीब 34 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी यूपी में बारिश की कमी लगभग 19 प्रतिशत रही है। पूरे प्रदेश का औसत देखा जाए तो अब तक करीब 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस कमी की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है।
मौसम विभाग ने 4 अगस्त से 7 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है। 4 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 5 और 6 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। 7 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश के लिए जिन जिलों को अलर्ट पर रखा गया है, उनमें वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी, महोबा, चित्रकूट और बांदा समेत कई जिले शामिल हैं।
इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और छोटी नदियों व नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलभराव से फसलों को बचाने और भारी बारिश के दौरान उर्वरकों व रसायनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों की बारिश जहां गर्मी से राहत देगी, वहीं किसानों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।





