उत्तर प्रदेश

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को बताया बदलाव का नेतृत्वकर्ता

Ratna Netam
3 Aug 2026 7:09 PM IST
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को बताया बदलाव का नेतृत्वकर्ता
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आगरा : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को युवाओं को देश के भविष्य का आधार बताते हुए कहा कि भारत की प्रगति केवल बातों से नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और मजबूत संकल्प से तय होगी। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों, नवाचार और युवा शक्ति का भारत है। यदि युवाओं का लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो उनके लिए कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। खंदारी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सफलता केवल पुरस्कार या पदक तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन, जिज्ञासा और आत्मविश्वास छिपा होता है।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में बदलाव लाने वाले नेतृत्वकर्ता भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। जब स्थानीय प्रतिभा, ज्ञान और संसाधन एक साथ आते हैं, तभी नए विचार और नवाचार जन्म लेते हैं।

अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को कला, रचनात्मकता, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में भी दक्ष होना जरूरी है। इससे वे जीवन में आने वाली चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकेंगे।

राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी युवाओं से आगे आने की अपील की। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों को समर्थन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल की भावना को अपनाकर युवा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा, अनुशासन, कठोर परिश्रम और समाज सेवा को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे उनके परिवार, विश्वविद्यालय और राष्ट्र का नाम गौरवान्वित हो। उन्होंने कहा कि समाज और देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं की बड़ी संख्या सकारात्मक कार्यों में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमेशा अच्छे कार्यों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन ऐसे लोगों से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अच्छा काम भी पसंद नहीं आता। युवाओं को आलोचनाओं से घबराने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज के लिए अच्छा कार्य करता है, उसे कई तरह की बातों और सवालों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में युवाओं को आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए और अपने प्रयास जारी रखने चाहिए।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना भी है जो समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में भी उत्साह देखने को मिला। राज्यपाल के प्रेरणादायक संबोधन ने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

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