उत्तर प्रदेश

कोटेदारों के लिए खुशखबरी, हरियाणा-दिल्ली की तर्ज पर यूपी में बढ़ेगा लाभांश

Ratna Netam
27 July 2026 7:39 PM IST
कोटेदारों के लिए खुशखबरी, हरियाणा-दिल्ली की तर्ज पर यूपी में बढ़ेगा लाभांश
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विभाग से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के करीब 80 हजार से अधिक कोटेदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार अब कोटेदारों को मिलने वाले लाभांश में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। हरियाणा, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में कोटेदारों को मिल रहे अधिक लाभांश को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर विचार शुरू हो गया है। शासन स्तर से खाद्य एवं रसद विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कोटेदार पिछले काफी समय से लाभांश बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कोटेदारों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला कमीशन और लाभांश महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। ऐसे में सरकार ने अब इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए विभाग से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है।

शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर तैयार कर भेजा जाए, ताकि उसका परीक्षण करने के बाद उसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जा सके। शासन के निर्देश मिलने के बाद विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए जिलेवार कोटेदारों की संख्या, राशन वितरण की स्थिति और अन्य आवश्यक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों को प्रति कुंतल 90 रुपये लाभांश दिया जाता है। वहीं अन्य राज्यों में यह राशि काफी अधिक है। हरियाणा सरकार अपने कोटेदारों को प्रति कुंतल 200 रुपये लाभांश देती है, जबकि दिल्ली में भी कोटेदारों को इतनी ही राशि दी जाती है। गोवा सरकार अपने कोटेदारों को प्रति कुंतल 230 रुपये लाभांश देती है। इसके अलावा गुजरात में कोटेदारों के लिए 2,000 रुपये न्यूनतम आय गारंटी का प्रावधान है।

कोटेदार संगठन का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मिलने वाला लाभांश अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। इसी वजह से प्रदेश के उचित दर विक्रेता लंबे समय से लाभांश बढ़ाने और मानदेय देने की मांग उठा रहे हैं।

ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कम कमीशन और सीमित लाभांश के कारण कोटेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कोटेदारों की आय में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है।

उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश में भी गुजरात, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों की तर्ज पर कोटेदारों को मानदेय दिया जाए। इससे उचित दर विक्रेताओं को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और वे अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर सकेंगे।

सरकार की ओर से लाभांश बढ़ाने की कवायद शुरू होने के बाद कोटेदारों में उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव और उस पर होने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश के हजारों कोटेदारों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

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