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उत्तर प्रदेश
दुबई से लाए ढाई करोड़ का सोना, DRI ने 2 तस्करों को दबोचा
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 7:35 PM IST

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लखनऊ। राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की लखनऊ इकाई ने सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के चांदनी चौक इलाके से करीब 2.58 करोड़ रुपये मूल्य का विदेशी मूल का सोना जब्त किया है। बुधवार को गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 1.85 किलोग्राम उच्च शुद्धता वाला सोना और 10 ग्राम चांदी बरामद हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, सोने को बेहद शातिर तरीके से पैरों में बंधे पैकेटों के अंदर छिपाया गया था, ताकि सामान्य जांच के दौरान किसी को इसकी भनक न लगे।
जानकारी के अनुसार, डीआरआई की लखनऊ इकाई को सूचना मिली थी कि विदेशी मूल के सोने की एक बड़ी खेप दिल्ली से उत्तर प्रदेश के मेरठ ले जाई जाने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। जांच एजेंसी को पता चला कि दो व्यक्ति एक कार में सोना लेकर दिल्ली के चांदनी चौक इलाके से मेरठ की ओर रवाना होने की तैयारी में हैं।इसके बाद डीआरआई की टीम ने चांदनी चौक क्षेत्र में घेराबंदी की। गोपनीय सूचना के आधार पर संदिग्ध वाहन की पहचान की गई और उसे रोककर जांच की गई। वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक आरोपी के पास छिपाकर रखा गया सोना मिला। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
तलाशी में अधिकारियों ने एक सोने की छड़ और सोने के तीन कटे हुए टुकड़े बरामद किए। इनका कुल शुद्ध वजन लगभग 1.85 किलोग्राम बताया गया है। बरामद सोना विदेशी मूल का और उच्च शुद्धता वाला होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अधिकारियों ने 10 ग्राम चांदी के छोटे टुकड़े भी बरामद किए हैं।इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात सोने को छिपाने का तरीका रहा। आरोपियों ने कीमती धातु को पैकेटों में रखकर अपने पैरों के आसपास बांध रखा था। आशंका है कि इस तरीके का इस्तेमाल जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए किया गया था। हालांकि इस मामले में तस्करी के पूरे नेटवर्क और सोने की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों से सोने के वैध आयात और खरीद से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। लेकिन वे कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिनसे सोने के कानूनी रूप से भारत लाए जाने या खरीदे जाने की पुष्टि हो सके।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि यह सोना दुबई से भारत में अवैध रूप से लाए गए विदेशी मूल के सोने और चांदी को गलाकर तैयार किया गया था। हालांकि इस दावे की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सोना किस रास्ते से भारत पहुंचा और इसे दिल्ली से मेरठ भेजने की योजना किसने बनाई थी।बरामद सोने और चांदी का संयुक्त अनुमानित मूल्य करीब 2.58 करोड़ रुपये बताया गया है। डीआरआई ने दोनों कीमती धातुओं को जब्त कर लिया है। साथ ही दोनों आरोपियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।अब जांच एजेंसी की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि इस खेप को मेरठ में किस व्यक्ति या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से तो नहीं है।
दिल्ली का चांदनी चौक देश के प्रमुख सराफा और थोक व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां सोने-चांदी का बड़ा कारोबार होता है। ऐसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र से विदेशी मूल के सोने की कथित तस्करी का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इस खेप के स्रोत और गंतव्य की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।सोने की तस्करी के मामलों में जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती यह होती है कि तस्कर कीमती धातुओं को अलग-अलग रूप में छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का प्रयास करते हैं। कभी सोने को छोटे टुकड़ों में बांटा जाता है, तो कभी उसे अन्य वस्तुओं के भीतर छिपाया जाता है। इस मामले में पैरों पर बंधे पैकेटों से सोना मिलने के कारण तस्करी के लिए अपनाए गए तरीके पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीआरआई की जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि बरामद सोने को गलाने या उसका स्वरूप बदलने की प्रक्रिया कहां हुई थी। यदि सोने के विदेशी मूल की पुष्टि होती है, तो उसके आयात, परिवहन और संभावित बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।गौरतलब है कि डीआरआई की लखनऊ इकाई पिछले कुछ समय से विदेशी मूल के सोने की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक एजेंसी ने उत्तर प्रदेश में 10 अलग-अलग मामलों में करीब 16.47 किलोग्राम तस्करी का विदेशी सोना जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 24 करोड़ रुपये बताई गई है।
इन मामलों में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश से जुड़े विभिन्न परिवहन मार्गों पर सोने की अवैध आवाजाही को लेकर जांच एजेंसियां सतर्क हैं।इससे पहले भी डीआरआई ने अलग-अलग स्थानों पर विदेशी मूल के सोने की खेप पकड़ी है। ऐसे मामलों में कई बार सोना एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचाने के लिए सड़क और रेल मार्गों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आती रही है।मौजूदा कार्रवाई के बाद दिल्ली से मेरठ तक सोने की कथित आपूर्ति से जुड़े लोगों की पहचान करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। एजेंसी आरोपियों के संपर्कों और सोने के स्रोत से संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल दोनों आरोपी डीआरआई की गिरफ्त में हैं और बरामद सोना तथा चांदी जब्त कर ली गई है। इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि विदेशी मूल का सोना भारत में किस रास्ते से लाया गया था और इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
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