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UP में आउटसोर्स कर्मियों को तोहफा, न्यूनतम वेतन पर सीएम योगी की घोषणा

उत्तर प्रदेश : विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए सदन की गरिमा और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायिका लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास तथा आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है। उन्होंने बताया कि अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने की दिशा में भी सरकार कदम उठा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में काम कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों, रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को भी उचित मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की सेवाएं प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार ने इनके हितों को ध्यान में रखते हुए अनुपूरक बजट का सहारा लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा केवल राजनीतिक बहस का मंच नहीं है, बल्कि यह किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान का माध्यम है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में मजबूती से रखें और उनके समाधान के लिए प्रयास करें।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद की परंपरा स्थापित हुई है। इसी संवाद के कारण प्रदेश में कई महत्वपूर्ण बदलाव संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में सुधार लाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कई योजनाएं लागू की हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच प्रदेश में कई चीनी मिलें बंद हुईं और गन्ना किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय किसानों के गन्ने का भुगतान लंबे समय तक लंबित रहता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों की उपज की सीधी खरीद सुनिश्चित की जा रही है और गन्ना किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान और युवा प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर हैं। रोजगार, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में सरकार लगातार काम कर रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और राम मंदिर मुद्दे को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज राम मंदिर का मुद्दा वही लोग उठा रहे हैं, जिन्होंने पहले रामभक्तों पर कार्रवाई की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राम मंदिर निर्माण के पक्ष में सकारात्मक रुख नहीं अपनाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और आस्था दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री के संबोधन में सरकार की आगामी योजनाओं और जनकल्याणकारी फैसलों की झलक दिखाई दी। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था, न्यूनतम मानदेय और विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के हितों को लेकर सरकार के ऐलान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें विधानसभा में होने वाली आगामी चर्चाओं और सरकार के फैसलों पर रहेंगी।





