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Ghaziabad: शासन के निर्देश के बावजूद अभी तक अस्पताल प्रबंधन ने हीटर नहीं खरीदा

गाजियाबाद: जिला अस्पताल एमएमजी के सीलन भरे वार्ड में मरीज भर्ती होने के मजबूर हैं। मरीज का इलाज कराने आए तीमारदार भी बीमार हो जाते हैं। शासन के निर्देश के बावजूद अभी तक अस्पताल प्रबंधन ने हीटर नहीं खरीदा, इस कारण से वार्ड में भर्ती मरीज और तीमारदार सर्दी से परेशान हो रहे हैं।
70 वर्ष पुराना एमएमजी अस्पताल भवन जर्जर होने के बाद तोड़कर नया बनाया जाना है। पहले चरण में अस्पताल परिसर में पीछे की तरफ बने आवासीय भवनों को तोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इस कारण से मरीजों को पुराने और जर्जर अस्पताल में भी भर्ती किया जा रहा है। वार्ड में कई जगह सीलन होने से भर्ती मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। आए दिन अस्पताल के वार्ड, इमरजेंसी, गैलरी,ओपीडी में प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। कई बार अस्पताल में स्टाफ व मरीज घायल भी हो चुके हैं।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार को अस्पताल में 1784 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें से 793 महिलाएं और 680 पुरुष और 311 बच्चे थे। बुखार के 203 और सांस से संबंधित 175 मरीज थे। इमरजेंसी में 82 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें से दो गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर कर दिया गया। इस समय अलग-अलग वार्ड में 80 मरीज भर्ती हैं।
सीएमएस का कहना है कि अस्पताल जर्जर घोषित किया जा चुका है, लेकिन अस्पताल में सीलन दूर कराने के लिए काम कराया जा रहा है। सीएमएस का कहना है कि जल्द ही हीटर की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि दो बड़े हीटर रखे गए हैं, तीन हीटर के लिए संस्थाओं से दान का अनुरोध किया गया है।





